CG News: सुशासन तिहार की समीक्षा में CM साय का बड़ा संदेश, योजनाओं के क्रियान्वयन और जनसमस्याओं के समाधान पर दिया जोर
CG News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित सुशासन तिहार 2026 की समीक्षा बैठक में बालोद और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में संचालित विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया। बैठक में कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई।
सुशासन तिहार भरोसे का माध्यम
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं बल्कि जनता और शासन के बीच विश्वास को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि जनसमस्या निवारण शिविरों और चौपालों के जरिए सीधे लोगों से संवाद कर उनकी समस्याओं को समझा गया और योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का मूल्यांकन किया गया, उन्होंने अधिकारियों को जनसेवा की भावना, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि कोई भी पात्र हितग्राही सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

लंबित राजस्व मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश
मुख्यमंत्री ने नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और नक्शा सुधार से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए इनके त्वरित निराकरण पर जोर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना और राजस्व अभिलेखों के अद्यतन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
योजनाओं को मिशन मोड में लागू करने पर जोर
प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश शुरू होने से पहले अधिकतम स्वीकृत आवासों का निर्माण पूरा किया जाए। उन्होंने आवास निर्माण के लिए अधिक कारीगर तैयार करने हेतु मेसन प्रशिक्षण बढ़ाने के निर्देश दिए, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 तक प्रदेश में 5 लाख सौर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य हासिल करना है। इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

किसानों को खाद-बीज की कमी न हो
खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा देने तथा किसानों को इसके लाभों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए, साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और एग्रीस्टैक पंजीयन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा।
महिला सशक्तिकरण और कुपोषण उन्मूलन पर फोकस
बिहान योजना की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को मजबूत बनाने और रेडी-टू-ईट खाद्य सामग्री निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया, समीक्षा में बताया गया कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 20,245 और बालोद जिले में 36,312 लखपति दीदी तैयार हो चुकी हैं। वहीं औराटोला को लखपति ग्राम के रूप में विकसित किया गया है, मुख्यमंत्री ने कुपोषण उन्मूलन कार्यक्रमों की प्रभावी निगरानी और आंगनबाड़ी सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश भी दिए।

बरसात पूर्व तैयारी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को संभावित मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने पर जोर दिया, बालोद जिले में डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए उन्होंने रोकथाम, जागरूकता और उपचार व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए।
सड़क, पेयजल और डिजिटल सेवाओं की समीक्षा
जल जीवन मिशन के तहत पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने गर्मी और बारिश दोनों मौसमों में निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा में अधिकारियों ने बताया कि मोहला-मानपुर क्षेत्र में स्वीकृत 60 किलोमीटर सड़क में से 50 किलोमीटर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री ने शेष कार्य बारिश से पहले पूरा करने के निर्देश दिए, उन्होंने ई-ऑफिस, ई-डिस्ट्रिक्ट और अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से नागरिक सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया।
शिक्षा, कानून-व्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने पीएम श्री स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति अपनाने और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार पर बल दिया, पुलिस विभाग की समीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था, नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन और सड़क सुरक्षा उपायों की जानकारी ली गई। उन्होंने सड़क सुरक्षा के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने और हेलमेट उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। अधिकारियों को इसी भावना के साथ कार्य करते हुए समयबद्ध और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।

