CG News : छत्तीसगढ़ बना उर्वरक गुणवत्ता नियंत्रण में देश का मॉडल, नकली खाद पर रिकॉर्ड कार्रवाई
CG News : छत्तीसगढ़ में किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने और नकली व अमानक खाद पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग ने बड़े स्तर पर अभियान चलाया है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम के नेतृत्व और कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी के मार्गदर्शन में विभाग ने खरीफ सीजन के दौरान रिकॉर्ड प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए देशभर के लिए एक मिसाल पेश की है। विभाग का दावा है कि किसानों के हितों की रक्षा और कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

एक साल में 10 गुना बढ़ी कार्रवाई
कृषि विभाग के अनुसार वर्ष 2025 की तुलना में इस वर्ष उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत कार्रवाई में 10.25 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले वर्ष जहां केवल 44 मामलों में कार्रवाई हुई थी, वहीं इस खरीफ सीजन में यह संख्या बढ़कर 451 तक पहुंच गई। राज्यभर में उर्वरकों के भंडारण, गुणवत्ता, विक्रय और वितरण की सघन जांच की जा रही है, जिससे अमानक उर्वरकों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगी है।
जब्ती, लाइसेंस निलंबन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
विभाग ने बताया कि इस वर्ष न्यायालय में प्रस्तुत मामलों की संख्या 4 से बढ़कर 56 हो गई है, जबकि जब्ती की कार्रवाई 2 से बढ़कर 98 तक पहुंची। लाइसेंस निलंबन के 97, लाइसेंस निरस्तीकरण के 10 और विक्रय प्रतिबंध के 183 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा पहली बार 7 एफआईआर भी दर्ज की गई हैं, जो विभाग की सख्त निगरानी और शून्य सहिष्णुता की नीति को दर्शाती हैं।
गुणवत्तापूर्ण कृषि आदानों से किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस
कृषि विभाग का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि किसानों तक प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान पहुंचाकर उनकी उत्पादकता और आय बढ़ाना भी है। नियमित निरीक्षण, नमूना परीक्षण, शिकायतों के त्वरित निराकरण और दोषी विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के जरिए राज्य में पारदर्शी और सुरक्षित कृषि व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।




