CG News: अबूझमाड़ में बदलाव की नई कहानी, नक्सल गढ़ से विकास की राह पर बढ़ता बस्तर
CG News: कभी नक्सलियों का गढ़ रहा बस्तर का अबूझमाड़ क्षेत्र अब तेजी से बदल रहा है। घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ों के बीच बसे इस इलाके में पहली बार प्रशासन की पहुंच बनी है। वर्षों तक विकास से अछूते रहे 239 गांवों में अब सरकारी सर्वे शुरू हो चुका है, जिससे ग्रामीणों को जमीन का मालिकाना हक मिलने की उम्मीद जगी है।

दशकों बाद पहुंचा प्रशासन
अबूझमाड़ लंबे समय तक नक्सल प्रभाव के कारण प्रशासन से कटे रहा। न सड़क, न स्कूल और न ही सरकारी योजनाओं का लाभ यहां के लोगों तक पहुंच पाता था। लेकिन अब सुरक्षा बलों की मौजूदगी और सड़क निर्माण के चलते हालात तेजी से बदल रहे हैं।

पहली बार हो रहा सर्वे
राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम 239 गांवों में सर्वे कर रही है। सैटेलाइट मैपिंग के जरिए गांव और जमीन का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद ग्रामीणों को उनकी जमीन का अधिकार पत्र दिया जाएगा, जिससे उन्हें कानूनी पहचान मिलेगी।
नहीं करना पड़ता लंबा संघर्ष
पहले ग्रामीणों को 50-60 किलोमीटर पैदल चलकर राशन लाना पड़ता था, लेकिन अब ट्रैक्टर के जरिए राशन सीधे गांवों तक पहुंच रहा है। कई गांवों में पीडीएस दुकानें भी शुरू हो गई हैं, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है।
नक्सल डर खत्म
जहां कभी नक्सलियों का डर था, वहां अब पुलिस कैंप और सरकारी योजनाओं की मौजूदगी है। ग्रामीणों के मुताबिक अब न तो राशन छीनने का डर है और न ही जान का खतरा। अब गांवों में स्कूल, आंगनबाड़ी और सामुदायिक भवन बनने लगे हैं।
अभी भी बाकी हैं चुनौतियां
हालांकि बदलाव की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन अब भी सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत है। फिर भी सबसे बड़ी बात यह है कि अबूझमाड़ में विकास की राह खुल चुकी है।
