CG News: पावर टिलर चलाकर आत्मनिर्भर बनी सुकमा की महिला किसान, बिहान योजना से मिली नई पहचान
CG News: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में संचालित बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ रही है. विकासखंड कोंटा के ढोढरा गांव की रहने वाली सोढ़ी तिरपो इसकी प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आई हैं.
पारंपरिक खेती से आधुनिक तकनीक तक का सफर
पहले सोढ़ी तिरपो खेती के लिए हल-बैल और पारंपरिक तरीकों पर निर्भर थीं. खेतों की जुताई और अन्य कृषि कार्यों में उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ती थी. आधुनिक कृषि यंत्र चलाने का उन्हें कोई अनुभव नहीं था.

प्रशिक्षण से बढ़ा आत्मविश्वास
जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में तुलसी महिला ग्राम संगठन के कस्टम हायरिंग सेंटर से उन्हें पावर टिलर चलाने का प्रशिक्षण मिला. क्लस्टर पीआरपी पूजा कोड़ी के मार्गदर्शन और अपने निरंतर प्रयासों से उन्होंने मशीन का संचालन सीख लिया. आज वे पूरी आत्मविश्वास के साथ पावर टिलर चला रही हैं.
आधुनिक खेती से बढ़ा उत्पादन
सोढ़ी तिरपो अपने 30 डिसमिल खेत में मक्का और मिर्च की खेती आधुनिक तकनीक से कर रही हैं. पावर टिलर के इस्तेमाल से खेती का काम तेज, आसान और कम खर्चीला हो गया है. इससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में भी सुधार हुआ है.
छोटे किसानों को भी मिल रहा लाभ
कस्टम हायरिंग सेंटर का फायदा सिर्फ सोढ़ी तिरपो तक सीमित नहीं है. आसपास के छोटे और सीमांत किसान भी यहां से उचित किराए पर कृषि यंत्र लेकर समय पर खेती कर रहे हैं. इससे उनकी लागत कम हुई है और खेती अधिक सुविधाजनक बन गई है, सोढ़ी तिरपो अब केवल कृषि यंत्र ही नहीं चलातीं, बल्कि उनके रखरखाव और किसानों को समय पर सेवा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी निभा रही हैं. उनकी सफलता से गांव की अन्य महिलाएं भी आधुनिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित हो रही हैं.
सरकारी योजना से बदली जिंदगी
सोढ़ी तिरपो की सफलता इस बात का उदाहरण है कि सही प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने पर ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं. बिहान योजना और कस्टम हायरिंग सेंटर की पहल ने उनकी आजीविका मजबूत करने के साथ सुकमा जिले में महिला सशक्तीकरण और आधुनिक कृषि की नई मिसाल पेश की है.

