CG News: बस्तर में शुरू हुई पहली अत्याधुनिक कैथ लैब, अब दिल के मरीजों को नहीं जाना पड़ेगा बड़े शहर
CG News: बस्तर की स्वास्थ्य सेवाओं को गुरुवार को बड़ी सौगात मिली. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने डिमरापाल स्थित कॉन्टिनेंटल सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में बस्तर संभाग की पहली और छत्तीसगढ़ की दूसरी अत्याधुनिक कैथ लैब का लोकार्पण किया. इस सुविधा के शुरू होने से अब हृदय रोगियों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा.

बस्तर में ही मिलेगा आधुनिक हृदय उपचार
लोकार्पण के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि यह कैथ लैब बस्तर के लोगों के लिए बड़ी सौगात है. अब गंभीर हृदय रोगियों को समय पर आधुनिक उपचार स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगा, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर की स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार हो रहा है. उन्होंने बताया कि यह सुविधा मेकाहारा के बाद छत्तीसगढ़ की दूसरी बड़ी सरकारी कैथ लैब है. साथ ही बस्तर में पीपीपी मॉडल पर योग और नेचरोपैथी अस्पताल शुरू करने की भी तैयारी की जा रही है.

WHO और UNICEF की टीम करेगी दौरा
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत क्षेत्र के करीब 99 प्रतिशत लोगों का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और स्वास्थ्य परीक्षण पूरा किया जा चुका है. स्वास्थ्य सेवाओं में हुए सुधार को देखने के लिए जल्द ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और यूनिसेफ (UNICEF) की विशेष टीमें भी बस्तर का दौरा करेंगी, कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल के सहयोग से स्थानीय युवाओं को भी रोजगार से जोड़ा गया है. अस्पताल प्रबंधन और अन्य विभागों में करीब 70 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी गई है.
कैथ लैब में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल्स के संस्थापक एवं चेयरमैन डॉ. गुरु एन. रेड्डी ने बताया कि कैथ लैब में बिना बड़े ऑपरेशन के हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारियों की जांच और इलाज किया जाएगा. यहां कोरोनरी एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, स्टेंट प्रत्यारोपण और पेसमेकर प्रत्यारोपण जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी.
उन्होंने बताया कि इस सुविधा से बस्तर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों और पड़ोसी राज्यों के मरीजों को भी स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार मिलेगा. इससे इलाज का समय और खर्च दोनों कम होंगे. अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत भी मरीजों को उपचार की सुविधा उपलब्ध रहेगी.
