CG News: मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक, श्रम संहिताओं के जल्द क्रियान्वयन और डिजिटल व्यवस्था के निर्देश
CG News: छत्तीसगढ़ में नए श्रम नियमों को जल्द लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है. मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में श्रम संहिताओं की अधिसूचना और उनके क्रियान्वयन की तैयारियों की समीक्षा की गई. बैठक में श्रम विभाग को नियमों को जल्द अधिसूचित करने और विभागीय पोर्टल पर आवश्यक डिजिटल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए.

चार नई श्रम संहिताओं पर हुई चर्चा
बैठक में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव डॉ. महेंद्र कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार ने 29 पुराने श्रम कानूनों की जगह चार नई श्रम संहिताएं लागू की हैं. इनमें मजदूरी संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता और उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशाएं संहिता शामिल हैं.

उद्योगों को मिलेगा आसान सिस्टम
नई व्यवस्था लागू होने के बाद उद्योगों को अलग-अलग पंजीयन, लाइसेंस और रिकॉर्ड रखने की जरूरत नहीं होगी. उन्हें एकल पंजीयन, कॉमन लाइसेंस और एकीकृत रिकॉर्ड प्रणाली की सुविधा मिलेगी. इससे अनुपालन प्रक्रिया आसान और पारदर्शी होगी.
श्रमिकों को मिलेंगे नए अधिकार
नई श्रम संहिताओं के तहत सभी श्रमिकों को नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य होगा. संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन सुनिश्चित किया जाएगा. किसी भी औद्योगिक संस्थान में हड़ताल से कम से कम 14 दिन पहले लिखित सूचना देना अनिवार्य रहेगा.
शिकायत समिति और ऑनलाइन पंजीयन की व्यवस्था
20 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में शिकायत निवारण समिति का गठन अनिवार्य होगा, जिसमें महिला कर्मचारियों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाएगा. वहीं 300 या उससे अधिक कर्मचारियों वाली इकाइयों को छंटनी या संस्थान बंद करने से पहले सरकार की अनुमति लेनी होगी. ट्रेड यूनियनों का पंजीयन भी अब ऑनलाइन किया जाएगा.
जल्द जारी होगी अधिसूचना
श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता ने बताया कि मजदूरी संहिता और औद्योगिक संबंध संहिता के नियम अंतिम प्रकाशन के लिए विधि विभाग को भेजे जा चुके हैं. वहीं सामाजिक सुरक्षा संहिता और उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशाएं संहिता का अंतिम प्रारूप भी तैयार हो चुका है. सभी चारों श्रम संहिताओं के नियम जल्द अधिसूचित किए जाएंगे, जिससे राज्य में श्रम व्यवस्था अधिक पारदर्शी और डिजिटल होगी.

