CG News: छत्तीसगढ़ में जमीन का काम हुआ आसान, डिजिटल राजस्व सेवा में बड़ा बदलाव
CG News: छत्तीसगढ़ में राजस्व सेवाओं को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, राज्य सरकार ने तकनीक के इस्तेमाल से जमीन से जुड़े कामों को आसान, तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है, ऑटो म्यूटेशन और ऑटो डायवर्सन जैसी डिजिटल सुविधाओं ने आम नागरिकों को लंबी प्रक्रिया और कार्यालयों के चक्कर से राहत दी है, अब रजिस्ट्री के बाद नामांतरण की प्रक्रिया अपने आप पूरी हो रही है, जिससे समय और मेहनत दोनों की बचत हो रही है,
ऑटो म्यूटेशन में 99.95 प्रतिशत सफलता
राजस्व विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब तक 1 लाख 40 हजार 607 पंजीकृत विलेखों में से 1 लाख 40 हजार 536 मामलों का ऑटो म्यूटेशन सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है, वहीं केवल 71 मामले प्रक्रियाधीन हैं, इस उपलब्धि के साथ छत्तीसगढ़ ने 99.95 प्रतिशत सफलता दर हासिल की है, यह व्यवस्था जमीन के रिकॉर्ड को तेजी से अपडेट करने और पारदर्शिता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है,
अब रजिस्ट्री के बाद खुद होगा नामांतरण
पहले जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए नागरिकों को तहसील कार्यालय और अन्य विभागों के चक्कर लगाने पड़ते थे, दस्तावेज जांच और प्रक्रिया पूरी होने में काफी समय लगता था, लेकिन अब ऑटो म्यूटेशन सिस्टम के कारण यह प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी हो रही है, इससे भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम हुई हैं और नागरिकों को समय पर सुविधा मिल रही है,
ऑटो डायवर्सन से भूमि उपयोग परिवर्तन आसान
कृषि भूमि को आवासीय, व्यावसायिक या औद्योगिक उपयोग में बदलने की प्रक्रिया यानी डायवर्सन को भी डिजिटल बनाया गया है, फरवरी से जून 2026 के बीच ऑटो डायवर्सन के तहत 5 हजार 661 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 4 हजार 739 मामलों का निराकरण किया गया, यानी 83.71 प्रतिशत प्रकरणों को तेजी से पूरा किया गया,
जिलों के प्रदर्शन में कोरिया सबसे आगे
ऑटो डायवर्सन व्यवस्था में जिलों ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है, कोरिया जिला 100 प्रतिशत सफलता दर के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर रहा, यहां 59 में से सभी 59 मामलों का समाधान किया गया, वहीं कोरबा, मुंगेली, बालोद और धमतरी जिलों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉप जिलों में अपनी जगह बनाई है, धमतरी जिले ने 165 मामलों में से 153 का निराकरण कर 92.73 प्रतिशत सफलता दर हासिल की है,
नई तकनीक से और मजबूत होगा डिजिटल सिस्टम
राजस्व विभाग अब डिजिटल व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी में है, NGDRS API Integration के माध्यम से गाइडलाइन दरों के आधार पर प्रीमियम निर्धारण पूरी तरह स्वचालित किया जा रहा है, इसके अलावा Diverted to Diverted मॉड्यूल, Multiple Khasra मॉड्यूल और Recovery मॉड्यूल जैसी नई सुविधाएं भी शुरू की जा रही हैं,
मल्टीपल खसरा और रिकवरी मॉड्यूल से मिलेगी राहत
मल्टीपल खसरा मॉड्यूल के जरिए एक ही आवेदन में कई खसरों का चयन और शुल्क गणना संभव होगी, वहीं रिकवरी मॉड्यूल के माध्यम से पुराने लंबित मामलों का तेजी से समाधान किया जाएगा, इससे राजस्व प्रशासन अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनेगा,
डिजिटल गवर्नेंस में नया उदाहरण बना छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ का यह डिजिटल राजस्व मॉडल आम नागरिकों के लिए बड़ी सुविधा लेकर आया है, किसान, गृहस्वामी, व्यापारी और निवेशक अब जमीन से जुड़ी सेवाएं आसानी से प्राप्त कर पा रहे हैं, सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक सैटेलाइट और ड्रोन मैपिंग, TNCP लिंकिंग और भू-अभिलेख पोर्टल के उन्नयन के जरिए प्रदेश को डिजिटल राजस्व प्रशासन में देश का अग्रणी राज्य बनाना है,

