CG News: रायपुर में साइबर जागृति अभियान और ट्रैफिक हैकाथॉन का समापन, सीएम साय ने की पुलिस की सराहना
CG News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर जागृति अभियान और ट्रैफिक हैकाथॉन 2026 के प्रतिभागियों के सम्मान में एक शानदार अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया. पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में हुए इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, विधायक राजेश मूणत और डीजीपी अरुण देव गौतम समेत पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने साइबर जागरूकता अभियान के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ पुलिस के उत्कृष्ट प्रयासों की जमकर सराहना की.

कमिश्नरेट प्रणाली से अपराधों में आई कमी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर कमिश्नरेट की पहल की सराहना करते हुए कहा कि कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद से अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है. उन्होंने पुलिस प्रशासन को कानून-व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाने तथा आम नागरिकों को एक सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए लगातार कड़े कदम उठाने पर जोर दिया. सरकार प्रदेशवासियों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

यातायात व्यवस्था सुधारने पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की अमूल्य जान जाने को बेहद दुखद बताया और यातायात व्यवस्था में बड़े सुधार की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने कहा कि ट्रैफिक हैकाथॉन 2026 के दौरान युवाओं और विशेषज्ञों से जो बेहतरीन सुझाव मिले हैं, सरकार उन पर पूरी तरह काम करेगी. इसका मुख्य उद्देश्य यातायात व्यवस्था को सुगम बनाना और सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों में भारी कमी लाना है.
एक करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंचा साइबर जागृति अभियान
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि साइबर जागृति अभियान के तहत छत्तीसगढ़ पुलिस ने शानदार कार्य किया है और यह अभियान राज्य के एक करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच चुका है. इस अभियान के दौरान पांच लाख से ज्यादा सेल्फी ली गईं और शहरों से लेकर सुदूर गांवों तक लोगों को डिजिटल ठगी व साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया. डिजिटल पेमेंट का चलन बढ़ने के कारण ठगी के मामलों से बचने के लिए जन-जागरूकता को बेहद आवश्यक बताया गया.
नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले ढाई साल के भीतर छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को समाप्त करने की दिशा में ऐतिहासिक सफलता हासिल हुई है. अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में एक सौ से ज्यादा बसों का नियमित संचालन हो रहा है, जिससे बस्तर अंचल में विकास और आवागम के रास्ते खुल गए हैं. सरकार एक विकसित और भयमुक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए लगातार आगे बढ़ रही है.


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