Raipur News: राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री साय ने की छेरा-पहरा रस्म, भगवान जगन्नाथ से प्रदेश की खुशहाली की कामना
Raipur News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई. गायत्री नगर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए. दोनों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा का आशीर्वाद लिया. इसके बाद पारंपरिक छेरा-पहरा की रस्म निभाते हुए प्रदेश की सुख-समृद्धि, उत्तम वर्षा और किसानों की खुशहाली की कामना की.
छेरा-पहरा निभाकर दिया सेवा और समानता का संदेश
रथयात्रा शुरू होने से पहले राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने सोने की झाड़ू से छेरा-पहरा की परंपरा निभाई. इसके बाद भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की प्रतिमाओं को वैदिक मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन के बीच रथ पर विराजित किया गया. श्रद्धालुओं के जयघोष के साथ रथयात्रा का शुभारंभ हुआ. मंदिर परिसर में हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया.
रथयात्रा सामाजिक समरसता और लोकसंस्कृति का महापर्व
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को रथयात्रा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, लोकसंस्कृति, सामाजिक समरसता और जनभागीदारी का जीवंत महापर्व है. उन्होंने कहा कि यह पर्व सेवा, समर्पण, समानता और लोककल्याण का संदेश देता है, और समाज में एकता तथा सद्भाव को मजबूत करता है.
किसानों की खुशहाली और अच्छी बारिश की प्रार्थना
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान जगन्नाथ किसानों के आराध्य माने जाते हैं. उनकी कृपा से समय पर वर्षा होती है, खेतों में हरियाली आती है और अन्न उत्पादन बढ़ता है. उन्होंने भगवान से प्रदेश में भरपूर वर्षा, समृद्ध कृषि और किसानों की खुशहाली की प्रार्थना की. साथ ही सभी प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और मंगल की कामना भी की.
छत्तीसगढ़ में विशेष महत्व रखती है रथयात्रा
छत्तीसगढ़, ओडिशा का पड़ोसी राज्य होने के कारण भगवान जगन्नाथ के प्रति यहां विशेष आस्था है. राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में हर वर्ष पुरी की विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा की तर्ज पर यह आयोजन पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया जाता है. छेरा-पहरा की परंपरा इस बात का प्रतीक मानी जाती है कि भगवान के समक्ष सभी समान हैं और सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है. इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा, विभिन्न जनप्रतिनिधि, सामाजिक और धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे.




