CG News: बस्तर में शांति के नए युग की शुरुआत, नक्सलवाद समाप्त होने के बाद पहली बार आयोजित होगा ‘बस्तर ओलंपिक’
CG News: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खात्मे के बाद पहली बार ऐतिहासिक ‘बस्तर ओलंपिक’ का आयोजन होने जा रहा है. प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि 31 मार्च 2026 को बस्तर से माओवाद के पूर्ण अंत के बाद यह बस्तर ओलंपिक का पहला और कुल तीसरा संस्करण है. खेल क्रांति के इस महाकुंभ के लिए 1 अक्टूबर से पंजीयन (Registration) की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी गई है.

पंजीयन में नया रिकॉर्ड बनने का अनुमान
वन मंत्री केदार कश्यप के अनुसार, बस्तर ओलंपिक को लेकर युवाओं और स्थानीय नागरिकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है. इसके पहले संस्करण में 1 लाख 65 हजार तथा दूसरे संस्करण में 3 लाख 91 हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था. मंत्री कश्यप ने उम्मीद जताई है कि नक्सल-मुक्त वातावरण और शांति की बहाली के चलते इस साल पंजीयन का आंकड़ा पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए एक नया इतिहास रचेगा.
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तीन चरणों में होंगी प्रतियोगिताएं
बस्तर ओलंपिक 2026 का आयोजन मुख्य रूप से तीन स्तरों पर किया जाएगा. तय समय-सारणी के अनुसार:
विकासखंड (ब्लॉक) स्तर: 1 नवंबर से 13 नवंबर तक
जिला स्तर: 16 नवंबर से 25 नवंबर तक
संभाग स्तर: 7 दिसंबर से 11 दिसंबर तक की तिथियां प्रस्तावित की गई हैं.
कई तरह के खेल होंगे शामिल
बस्तर की स्थानीय और पारंपरिक खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए विविध खेल विधाओं को शामिल किया गया है. एथलेटिक्स के अंतर्गत 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवलिन थ्रो और 4×100 मीटर रिले रेस होगी. इसके अलावा तीरंदाजी (30 व 50 मीटर), बैडमिंटन, फुटबॉल, कराते, कबड्डी, खो-खो और वॉलीबॉल की प्रतिस्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी.
हॉकी-वेटलिफ्टिंग जिला स्तर पर
आयोजकों के अनुसार, हॉकी और वेटलिफ्टिंग (भारोत्तोलन) स्पर्धाओं का आयोजन सीधे जिला स्तर पर किया जाएगा. वहीं, स्थानीय महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सहभागिता बढ़ाने के लिए सीनियर महिला वर्ग के लिए ‘रस्साकसी’ (Tug of War) को विशेष प्रदर्शनात्मक खेल (Demonstration Sport) के रूप में शामिल किया गया है, जो इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहेगा.

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