CG News: टीबी मुक्त भारत अभियान में सरगुजा की ऐतिहासिक सफलता, बतौली विकासखंड को मिला गौरवशाली सम्मान
CG News: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले ने टीबी के खिलाफ चल रहे अभियान में एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की है. जिले के बतौली विकासखंड को टीबी मुक्त घोषित किया गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस खास उपलब्धि के लिए जिले को सम्मानित किया है. यह सम्मान प्रशासनिक अधिकारियों, स्वास्थ्य कर्मियों और स्थानीय नागरिकों की कड़ी मेहनत का परिणाम है.
राष्ट्रीय स्तर पर ‘जोश’ अभियान की शुरुआत
भारत सरकार ने टीबी के खात्मे के लिए ‘जोश’ यानी ज्वाइंट स्क्वॉड फॉर हेल्थ कार्यक्रम की शुरुआत की है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में इस राष्ट्रीय पहल का शुभारंभ किया था. देश के 11 राज्यों के कुल 55 जिलों में इस विशेष कार्यक्रम को लागू किया गया है, जिसमें सरगुजा जिले को भी शामिल किया गया है. कलेक्टर अजीत बसंत के मार्गदर्शन में जिले में इस अभियान को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है.
युवाओं और एनसीसी कैडेट्स की सराहनीय भागीदारी
इस अभियान को जनभागीदारी से मजबूत बनाने के लिए युवाओं और एनसीसी कैडेट्स की बड़ी भूमिका तय की गई है. माई भारत के स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेट्स को घर-घर जाकर टीबी के लक्षणों की पहचान करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. ये युवा लोगों को निःशुल्क जांच, उपचार और शासन की योजनाओं के बारे में जागरूक कर रहे हैं. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. सरवता ने नागरिकों से अपील की है कि टीबी मरीजों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न किया जाए.
स्वास्थ्य सुविधाओं और पोषण आहार का वितरण
सरगुजा जिले के सभी विकासखंडों में टीबी की जांच और इलाज की पूरी सुविधाएं बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं. कार्यक्रम के दौरान मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ के लिए पोषण आहार भी वितरित किए गए. जिला क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के प्रभारी डॉ. शैलेन्द्र गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2025 के लिए बतौली को यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला है. खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष सिंह और स्वास्थ्य कर्मचारियों के अथक प्रयासों से यह मुकाम हासिल हुआ है.
ग्राम पंचायतों का सम्मान और उज्ज्वल भविष्य
इस शानदार सफलता के तहत जिले की कई ग्राम पंचायतों ने भी टीबी मुक्त होने का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है. लक्ष्य हासिल करने वाली इन पंचायतों के सरपंचों को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया. जिले की कुल 449 ग्राम पंचायतों में से बड़ी संख्या में पंचायतों ने यह उपलब्धि अपने नाम की है. यह सामूहिक प्रयास छत्तीसगढ़ को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा और प्रेरणादायक कदम साबित हो रहा है.


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