CG News: छत्तीसगढ़ में नया भाड़ा नियंत्रण कानून लागू, जानिए किराए में कितनी होगी बढ़ोतरी और बेदखली के नियम!
CG News: छत्तीसगढ़ राज्य में अब नया संशोधित भाड़ा नियंत्रण कानून लागू हो गया है. विधानसभा से पारित संशोधन विधेयक को राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद राज्य सरकार ने इसे पूरे प्रदेश में प्रभावी कर दिया है. नए कानून का मुख्य उद्देश्य मकान मालिक और किराएदार के अधिकारों को स्पष्ट करना और विवादों का तेजी से निपटारा करना है.

किराए में वार्षिक वृद्धि की सीमाएं तय
नए अधिनियम के तहत मकान मालिक और किराएदार के बीच हुए एग्रीमेंट के आधार पर सालाना किराया बढ़ाया जा सकेगा, जिसके लिए स्पष्ट लिमिट तय की गई है:
₹2,000 या उससे कम मासिक किराया: प्रति वर्ष अधिकतम 5% तक ही बढ़ोतरी की जा सकेगी.
₹2,000 से अधिक मासिक किराया: अन्य सभी मामलों में प्रति वर्ष अधिकतम 10% तक की वृद्धि की सीमा तय की गई है.
नियम तोड़ने पर होगी किराएदार की बेदखली
यदि किराएदार कोई गड़बड़ी करता है, तो मकान मालिक को ‘भाड़ा नियंत्रक’ (Rent Controller) के समक्ष बेदखली का आवेदन करने का अधिकार होगा. बेदखली के प्रमुख आधार इस प्रकार हैं:
लगातार समय पर किराया न चुकाना (पेमेंट डिफॉल्ट).
किराए के मकान या संपत्ति को गंभीर नुकसान पहुंचाना.
परिसर या आसपास गंदगी फैलाना, कचरा फेंकना या कोई असामाजिक कृत्य करना.
मकान मालिक नियुक्त कर सकेंगे ‘प्रॉपर्टी मैनेजर’
नए कानून के तहत मकान मालिक अपनी संपत्ति के रखरखाव और प्रबंधन के लिए ‘प्रॉपर्टी मैनेजर’ नियुक्त कर सकते हैं, जिसकी लिखित सूचना किराएदार को देनी होगी. यह मैनेजर रसीद देकर किराया वसूलने और आवश्यक मरम्मत कार्य कराने जैसे काम संभालेगा.
60 दिनों में मामलों का निपटारा
विवादों के त्वरित निपटारे के लिए प्रावधान किया गया है कि आवेदन मिलने के 60 दिनों के भीतर फैसला सुनाने का प्रयास किया जाएगा. सुनवाई के दौरान किसी भी पक्ष को 3 से अधिक बार स्थगन नहीं मिलेगा. इसके अलावा, किराए से जुड़े मामलों में अस्पष्टता का लाभ किराएदार को और संपत्ति पर कब्जे की वापसी के मामलों में मकान मालिक को मिलेगा.

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