CG News: मिलेट बना किसानों की ताकत, कोदो-कुटकी से बढ़ी आमदनी और खुशहाली
CG News: छत्तीसगढ़ और पूरे भारत में मोटे अनाज यानी मिलेट्स अब किसानों की आय बढ़ाने का मजबूत माध्यम बन चुके हैं। कम लागत, कम पानी की जरूरत और बंजर भूमि में भी अच्छी पैदावार के कारण रागी, कोदो और कुटकी जैसी फसलें किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही हैं।
सुपरफूड के रूप में बढ़ती मांग
कभी पारंपरिक भोजन माने जाने वाले मोटे अनाज आज “सुपरफूड” के रूप में वैश्विक पहचान बना चुके हैं। पौष्टिकता से भरपूर ये अनाज अब न केवल घरों में बल्कि होटलों और रेस्टोरेंटों में भी तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, जिससे बाजार में इनकी मांग लगातार बढ़ रही है।

सरकार की पहल से बढ़ा महत्व
केंद्र और राज्य सरकार द्वारा मिलेट्स को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। किसानों को प्रोत्साहन, बेहतर समर्थन मूल्य और बाजार उपलब्धता मिलने से अब अधिक किसान श्री अन्न की खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
कृषक उन्नति योजना से मिली नई दिशा
छत्तीसगढ़ के पोटाली और नहाड़ी गांव के किसानों ने कृषक उन्नति योजना का लाभ लेकर मिलेट उत्पादन में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इस योजना ने उनकी आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
दिलीप मरकाम की सफलता की कहानी
ग्राम पोटाली के किसान दिलीप मरकाम ने कोदो-कुटकी की खेती से लगभग 1.5 लाख रुपये का लाभ अर्जित किया। वे धान और सब्जियों की खेती भी करते हैं और आधुनिक कृषि उपकरणों का उपयोग कर खेती को अधिक उन्नत बना रहे हैं। उनकी कुल कृषि आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, ग्राम नहाड़ी के किसान हलदर हेमला ने भी कोदो-कुटकी की खेती से लगभग 1.2 लाख रुपये का लाभ कमाया। उनका कहना है कि मिलेट की खेती कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली फसल साबित हो रही है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती
किसानों का मानना है कि कृषक उन्नति योजना ने मिलेट उत्पादन को बढ़ावा देकर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत की है। इससे न केवल खेती का रकबा बढ़ा है, बल्कि ग्रामीण परिवारों की आय में भी सुधार हुआ है, कोदो, कुटकी और रागी जैसे मोटे अनाज कैल्शियम, आयरन और फाइबर से भरपूर होते हैं। ये ग्लूटेन-फ्री होते हैं और स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी हैं, जिससे इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है।




