CG News: छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में बड़ा बदलाव, 36 संस्थान बनेंगे उत्कृष्टता केंद्र, 595 प्राध्यापकों की भर्ती
CG News: छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा व्यवस्था को नए दौर की जरूरतों के मुताबिक तैयार करने की योजना बनाई जा रही है. अब कॉलेजों में सिर्फ पारंपरिक डिग्री तक सीमित पढ़ाई के बजाय विद्यार्थियों को कौशल, तकनीकी ज्ञान और रोजगार से जोड़ने पर जोर रहेगा. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम, शिक्षण पद्धति और कॉलेजों के बुनियादी ढांचे में बदलाव किए जा रहे हैं. उद्देश्य ऐसे युवाओं को तैयार करना है, जो नौकरी के साथ स्वरोजगार और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी आगे बढ़ सकें.
36 कॉलेजों को बनाया जाएगा उत्कृष्टता केंद्र
राज्य के 36 महाविद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तौर पर विकसित करने की तैयारी है. 3 हजार से अधिक विद्यार्थियों की संख्या और बेहतर प्रदर्शन वाले संस्थानों को बहुविषयक तथा शोध आधारित कॉलेजों के रूप में विकसित किया जाएगा. यहां अनुसंधान, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण अध्यापन को बढ़ावा देने के साथ विद्यार्थियों के लिए प्रोजेक्ट, तकनीकी प्रशिक्षण और उद्योग जगत से जुड़ने के अवसर बढ़ाए जाएंगे. इससे कॉलेजों में पढ़ाई के साथ व्यावहारिक अनुभव का दायरा भी बढ़ेगा.
AI से लेकर टसर तक नए पाठ्यक्रम
रोजगार की बदलती जरूरतों को देखते हुए कॉलेजों में नए और रोजगारपरक विषयों को शामिल करने की तैयारी है. स्थानीय मांग के आधार पर इलेक्ट्रॉनिक्स, सेरीकल्चर, मत्स्य पालन और टसर टेक्नोलॉजी जैसे पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा. इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, वेब डिजाइनिंग, फूड प्रोसेसिंग, मशरूम उत्पादन, पुष्प उत्पादन और हर्बल खेती जैसे क्षेत्रों में भी विद्यार्थियों को प्रशिक्षण और अध्ययन के विकल्प मिलेंगे. इससे युवाओं के सामने नौकरी के साथ व्यवसाय शुरू करने के रास्ते भी खुलेंगे.
कॉलेजों और उद्योगों के बीच बढ़ेगा तालमेल
उच्च शिक्षा विभाग विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान ही उद्योग जगत के अनुभव से जोड़ने की तैयारी कर रहा है. इसके लिए राष्ट्रीय संस्थानों और राज्य के कौशल विकास तथा तकनीकी विभागों के साथ समझौते किए गए हैं. कॉलेजों और कंपनियों के बीच बेहतर समन्वय से इंटर्नशिप, व्यावहारिक प्रशिक्षण और प्लेसमेंट के अवसर बढ़ाने की योजना है. साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी विशेषज्ञों को प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के रूप में जोड़कर विद्यार्थियों को वास्तविक कार्यक्षेत्र की जानकारी देने पर भी जोर दिया जा रहा है.
595 प्राध्यापकों की भर्ती से मजबूत होगा शिक्षण
नई उच्च शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने पर भी काम हो रहा है. शासकीय महाविद्यालयों में प्राध्यापक के 595 पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. सरकार का लक्ष्य कॉलेज शिक्षा को डिग्री, कौशल और रोजगार के बीच मजबूत कड़ी बनाना है. आधुनिक तकनीक से जुड़े पाठ्यक्रम जहां युवाओं को नए करियर विकल्प देंगे, वहीं टसर, मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि आधारित विषय स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ा सकते हैं.
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