CG News: एशियन गेम्स में पदक जीतना अब भी लक्ष्य, सेखोम मीराबाई चानू ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स को बताया गेम-चेंजर
CG News: टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता सेखोम मीराबाई चानू ने स्वीकार किया कि, एशियन गेम्स में पदक जीतना उनका अब भी अधूरा सपना है, उन्होंने कहा कि ओलंपिक, वर्ल्ड चैंपियनशिप और कॉमनवेल्थ गेम्स में सफलता के बावजूद एशियाई खेलों का पदक उनके करियर की सबसे बड़ी प्राथमिकता बना हुआ है.

चोट और किस्मत ने रोका रास्ता
मीराबाई ने 2014 इंचियोन एशियन गेम्स में डेब्यू किया था, लेकिन 2018 में चोट के कारण हिस्सा नहीं ले सकीं, वहीं 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में भी हिप इंजरी ने उनका सपना अधूरा छोड़ दिया, उन्होंने कहा कि, एशियन गेम्स का स्तर बेहद कठिन होता है, जो इसे और खास बनाता है.

वेट कैटेगरी बदलना बड़ी चुनौती
31 वर्षीय मीराबाई के सामने इस बार एक नई चुनौती है, वेट कैटेगरी में बदलाव, कॉमनवेल्थ गेम्स में वे 48 किलोग्राम वर्ग में खेलेंगी, जबकि एशियन गेम्स में उन्हें 49 किलोग्राम वर्ग में उतरना होगा, उन्होंने इसे अपने करियर की बड़ी चुनौती बताया.
अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
हाल ही में राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में मीराबाई ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए, उन्होंने 205 किलोग्राम कुल वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता, जो उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है.
ट्रेनिंग सिस्टम की सराहना
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के उद्घाटन पर मीराबाई ने कहा कि, यह आयोजन देश के जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों के खिलाड़ियों के लिए “गेम-चेंजर” साबित होगा, उन्होंने कहा कि, इन क्षेत्रों में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन उन्हें सही मंच नहीं मिल पाता, मीराबाई ने नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCOE), खेलो इंडिया स्टेट सेंटर और SAI ट्रेनिंग सेंटर की तारीफ करते हुए कहा कि, यहां खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल रही हैं, जो भारत को खेलों में नई ऊंचाइयों तक ले जा रही हैं.

