CG News: सरगुजा संभाग के 819 हड़ताली पटवारियों को शो-कॉज नोटिस, तत्काल काम पर लौटने के निर्देश, 5 पटवारी निलंबित
CG News: छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में हड़ताल पर गए सभी 819 पटवारियों को तत्काल काम पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं. संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा ने संबंधित पटवारियों को अपने कर्तव्य पर उपस्थित होकर कामकाज शुरू करने के निर्देश दिए हैं. इसके लिए संभाग के सभी छह जिलों के अनुविभागीय दंडाधिकारियों यानी एसडीएम को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है.

सभी छह जिलों में जारी किए गए शो-कॉज नोटिस
संभागायुक्त के निर्देश पर हड़ताल पर गए पटवारियों को नोटिस जारी किए गए हैं. उन्हें तत्काल मुख्यालय में उपस्थित होकर कार्यभार ग्रहण करने और संबंधित तहसीलदार के माध्यम से उसी दिन व्यक्तिगत रूप से लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है. निर्धारित समय पर मुख्यालय में उपस्थिति नहीं देने और जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
किस जिले में कितने पटवारियों को नोटिस?
सरगुजा संभाग के छह जिलों में कुल 819 पटवारियों को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है. इनमें सूरजपुर जिले के 192, सरगुजा जिले के 216, कोरिया के 60, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर यानी एमसीबी जिले के 51, जशपुर के 150 और बलरामपुर जिले के 150 पटवारी शामिल हैं, बलरामपुर जिले में मुख्यालय में निवास नहीं करने के कारण पांच पटवारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई भी की गई है. इसके साथ ही हड़ताल पर गए सभी पटवारियों को तत्काल अपने काम पर उपस्थित होकर शासकीय कार्यों का संपादन करने के निर्देश दिए गए हैं.

डिजिटल क्रॉप सर्वे और धान खरीदी की तैयारी प्रभावित
संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा ने कहा कि सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति या स्वीकृत अवकाश के बिना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के कारण महत्वपूर्ण और समयबद्ध सरकारी काम प्रभावित हो रहे हैं. इनमें डिजिटल क्रॉप सर्वे, फिजिकल वेरिफिकेशन, एग्रीस्टैक और आगामी धान खरीदी से जुड़े किसानों के अभिलेखों का सत्यापन शामिल है. इसके अलावा आय, जाति और निवास प्रमाणपत्रों के लिए जरूरी जांच प्रतिवेदन, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और राजस्व न्यायालयों से जुड़े मामलों का काम भी प्रभावित हो रहा है.
चक्रवाती तूफान से फसल नुकसान के सर्वे पर भी असर
संभाग के विभिन्न क्षेत्रों में चक्रवाती तूफान के कारण हुई फसल क्षति का तत्काल सर्वेक्षण, नुकसान का आकलन और पात्र किसानों को राहत देने से जुड़ी कार्रवाई भी प्राथमिकता पर की जानी है. पटवारियों की अनुपस्थिति के कारण ये जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं. इससे किसानों और आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, संभागायुक्त ने स्पष्ट किया है कि अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले पटवारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है. अनुपस्थिति की अवधि के वेतन और अन्य सेवा लाभों को लेकर भी नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा. इसके साथ ही संबंधित अवधि को सेवा में व्यवधान यानी ब्रेक इन सर्विस माना जाएगा.

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