CG News: सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं परीक्षा 2027 के लिए सैंपल पेपर जारी किए, जानें एग्जाम पैटर्न और मार्किंग स्कीम
CG News: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने वर्ष 2027 में आयोजित होने वाली कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. बोर्ड ने विद्यार्थियों की बेहतर तैयारी के लिए सभी मुख्य विषयों के सैंपल क्वेश्चन पेपर (Sample Question Papers) और मार्किंग स्कीम (Marking Scheme) आधिकारिक रूप से जारी कर दिए हैं. छात्र अब सीबीएसई की आधिकारिक शैक्षणिक वेबसाइट पर जाकर विषयवार सैंपल पेपर डाउनलोड कर सकते हैं.
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10वीं के 61 और 12वीं के 79 विषयों के सैंपल पेपर उपलब्ध
सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की मुख्य परीक्षाएं फरवरी 2027 से आयोजित की जानी प्रस्तावित हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने 12वीं कक्षा के 79 विषयों और 10वीं कक्षा के 61 विषयों के मॉडल प्रश्न पत्र पोर्टल पर अपलोड किए हैं. इन प्रश्न पत्रों के माध्यम से छात्रों को परीक्षा के स्वरूप, प्रश्नों के प्रकार, कठिनाई स्तर और उत्तर लिखने की सही रणनीति बनाने में सहूलियत मिलेगी.
असेसमेंट स्कीम में कोई बदलाव नहीं
सीबीएसई बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए मूल्यांकन और परीक्षा प्रणाली (Assessment Scheme) में कोई फेरबदल नहीं किया गया है. प्रश्न पत्रों का प्रारूप, डिजाइन और उत्तरों का मूल्यांकन सत्र 2025-26 की तरह ही रहेगा. बोर्ड के इस फैसले से छात्रों को किसी नए पैटर्न के तनाव के बिना पिछले वर्षों की तर्ज पर तैयारी जारी रखने का स्पष्ट ढांचा मिल गया है.
मार्किंग स्कीम से मिलेगी उत्तर लिखने की सटीक जानकारी
सैंपल पेपर के साथ जारी की गई मार्किंग स्कीम (अंक योजना) छात्रों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी. इसके जरिए विद्यार्थी यह समझ पाएंगे कि परीक्षक उत्तरों का मूल्यांकन किस आधार पर करते हैं और किस प्रश्न में किन मुख्य बिंदुओं (Key Points) को शामिल करने पर पूरे अंक प्राप्त होते हैं. इससे परीक्षार्थियों को ‘स्टेप मार्किंग’ का फायदा उठाने और बेहतर स्कोर हासिल करने की समझ मिलेगी.
समय प्रबंधन और आत्म-मूल्यांकन में मिलेगी मदद
विशेषज्ञों के अनुसार सैंपल पेपर्स का निरंतर अभ्यास करने से विद्यार्थियों का परीक्षा हॉल वाला डर दूर होता है और टाइम मैनेजमेंट में सुधार आता है. छात्र निर्धारित तीन घंटे के समय सीमा में पूरे प्रश्न पत्र को हल करने की क्षमता परख सकते हैं. इसके अलावा, सैंपल पेपर्स के माध्यम से वे अपने कमजोर विषयों व टॉपिक्स की पहचान कर समय रहते उनमें आवश्यक सुधार कर सकते हैं.


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