CG News: छत्तीसगढ़ में अगले 3 महीने तक लागू रहेगा NSA, 33 जिलों के कलेक्टरों को मिलीं विशेषाधिकार शक्तियां
CG News: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है. प्रदेश में अगले तीन महीनों के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) यानी रासुका लागू कर दिया गया है. इस संबंध में गृह विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह कानून 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा. राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी 33 जिलों के जिला दंडाधिकारियों (कलेक्टरों) को इस कानून के तहत सीधी कार्रवाई करने के विशेष अधिकार सौंप दिए हैं.

असामाजिक तत्वों और त्यौहारों के मद्देनजर लिया गया कड़ा फैसला
गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि खुफिया एंजेसियों से संवेदनशील इनपुट और रिपोर्ट्स मिली हैं. रिपोर्ट के अनुसार, आगामी त्योहारी सीजन के दौरान कुछ असामाजिक व उपद्रवी तत्व प्रदेश में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और शांति व्यवस्था में खलल डालने की कोशिश कर सकते हैं. राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में रखने और एहतियात के तौर पर सरकार ने सभी कलेक्टरों को एनएसए की आपात शक्तियां प्रदान की हैं.
कलेक्टरों को मिली निवारक गिरफ्तारी की शक्ति
एनएसए की शक्तियां मिलने के बाद जिला कलेक्टरों के पास निवारक निरोध (प्रिवेंटिव डिटेंशन) का अधिकार आ गया है. यदि किसी व्यक्ति या समूह की गतिविधियां सार्वजनिक शांति, राज्य की सुरक्षा या आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति के लिए खतरा बनती हैं, तो कलेक्टर उसे सीधे हिरासत में लेने का आदेश जारी कर सकते हैं. इस कानून के तहत संबंधित व्यक्ति को बिना त्वरित मुकदमे के एहतियातन हिरासत में रखा जा सकता है.
किसी की भी बेवजह गिरफ्तारी नहीं होगी
राज्य सरकार ने आम जनता को आश्वस्त करते हुए साफ किया है कि इस विशेष अधिकार का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि किसी भी नागरिक को बिना वजह उठा लिया जाएगा. हर मामले में नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया, साक्ष्यों और अनिवार्य शर्तों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि एनएसए सजा देने वाला कानून नहीं है, बल्कि अपराध और उपद्रव को रोकने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक एहतियाती (Preventive) उपाय है.
31 दिसंबर के बाद स्वतः समाप्त हो जाएंगी कलेक्टरों की शक्तियां
शासन द्वारा कलेक्टरों को सौंपी गई ये विशेष दंडात्मक शक्तियां एक निश्चित अवधि के लिए ही वैध हैं. 31 दिसंबर 2026 की सीमा समाप्त होते ही यह विशेष आदेश स्वतः ही निष्प्रभावी हो जाएगा. हालांकि, त्यौहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना, अफवाह फैलाने वालों और शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अमले को अलर्ट मोड पर रखा गया है.

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