CG News: बस्तर में नई रेल लाइन का सपना साकार, ताड़ोकी-रावघाट ट्रैक पर CRS निरीक्षण और स्पीड ट्रायल सफल
CG News: कभी दुर्गम इलाकों और माओवादी चुनौतियों के लिए जाने जाने वाले बस्तर अंचल में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत ताड़ोकी से रावघाट तक के नए रेलखंड पर 22 सितंबर को रेलवे संरक्षा आयुक्त (CRS) का निरीक्षण और हाई-स्पीड ट्रायल सफलता पूर्वक पूरा कर लिया गया है. इस महत्वपूर्ण परीक्षण के बाद अब इस रूट पर यात्री ट्रेनों के परिचालन का रास्ता साफ होता दिख रहा है.

सुरक्षा मानकों, पटरियों और विद्युतीकरण का किया गया बारीक परीक्षण
दक्षिण पूर्व परिमंडल (कोलकाता) के रेलवे संरक्षा आयुक्त सुमीत सिंघल ने अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ इस नव-निर्मित रेलखंड का गहन निरीक्षण किया. जांच के दौरान नए रेलवे ट्रैक, बड़े-छोटे पुल-पुलियों, ओवरहेड विद्युतीकरण (OHE), अत्याधुनिक सिग्नलिंग और यात्री सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं को परखा गया. स्पीड ट्रायल के तहत एक विशेष ट्रेन को सामान्य से अधिक गति से चलाकर पटरियों की तकनीकी क्षमता और लोड सहन करने की योग्यता की पुष्टि की गई.
कांकेर और बस्तर के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ
दल्लीराजहरा-रावघाट परियोजना के तहत दल्लीराजहरा से ताड़ोकी तक ट्रेनों का संचालन पहले से ही किया जा रहा है. अब ताड़ोकी से आगे रावघाट तक ट्रैक तैयार होने से कांकेर और बस्तर जिले के सुदूर व पिछड़े इलाकों तक रेल नेटवर्क का विस्तार हो जाएगा. इस कनेक्टिविटी से स्थानीय ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापारिक कार्यों के लिए बड़े शहरों तक आने-जाने में अभूतपूर्व सुविधा मिलेगी, जिससे क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आएगा.
परिवहन को मिलेगी रफ्तार
भौगोलिक चुनौतियों और नक्सली साए के बीच पूरी की जा रही यह परियोजना क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है. इस लाइन का मुख्य उद्देश्य रावघाट खदानों से मिलने वाले उच्च गुणवत्ता वाले लौह अयस्क (Iron Ore) को सीधे रेल मार्ग से भिलाई स्टील प्लांट (BSP) तक पहुंचाना है. पूर्व में इस ट्रैक पर 58 वैगनों वाली मालगाड़ी (BOXN रेक) चलाकर तकनीकी परीक्षण भी सफल रहा था. इसके अलावा स्थानीय कृषि उपज और उत्पादों के परिवहन को भी नई दिशा मिलेगी.
जल्द घोषित होगी परिचालन की तारीख
यद्यपि CRS निरीक्षण और स्पीड ट्रायल का सफल होना एक बड़ा पड़ाव है, लेकिन इसके तुरंत बाद यात्री सेवाएं शुरू नहीं होती हैं. सुरक्षा आयुक्त की अंतिम रिपोर्ट और औपचारिक हरी झंडी मिलने के बाद रेलवे की निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा किया जाएगा. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा आवश्यक कागजी और तकनीकी मंजूरियां मिलते ही इस नए रेलखंड पर नियमित यात्री ट्रेनों के संचालन की अंतिम तारीख की घोषणा की जाएगी.


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