CG News: मेदांता से अपोलो तक 66 अस्पतालों में इलाज की सुविधा, सरकारी कर्मचारियों के लिए नए नियम जारी
CG News: छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों के इलाज के लिए अधिमान्य निजी अस्पतालों की नई सूची जारी की है. इस सूची में दूसरे राज्यों के 66 प्रमुख निजी अस्पताल शामिल किए गए हैं. दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में स्थित इन अस्पतालों में कर्मचारी गंभीर और जटिल बीमारियों के उपचार की सुविधा ले सकेंगे. हालांकि, छत्तीसगढ़ में पदस्थ कर्मचारियों के लिए इन अस्पतालों में इलाज कराने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत रेफरल लेटर लेना जरूरी होगा.
बड़े और विशेषज्ञ अस्पताल सूची में शामिल
नई सूची में मेदांता, सर गंगाराम अस्पताल, शेल्बी, जसलोक, सीएमसी, कोकिलाबेन, शंकर नेत्रालय और अपोलो जैसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों को जगह दी गई है. इन अस्पतालों में अलग-अलग गंभीर बीमारियों के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों और आधुनिक उपचार सुविधाओं की उपलब्धता है. सरकार की इस व्यवस्था से उन कर्मचारियों को फायदा मिल सकता है, जिन्हें किसी विशेष बीमारी के लिए राज्य से बाहर विशेषज्ञ उपचार की जरूरत पड़ती है. दिल्ली में कार्यरत कर्मचारियों को संबंधित अधिमान्य अस्पतालों में इलाज के लिए अलग सुविधा दी गई है.
पहले की तुलना में बढ़े इलाज के विकल्प
वर्ष 2024 में अधिमान्य अस्पतालों की सीमित संख्या को लेकर सरकारी कर्मचारियों की ओर से सवाल उठाए गए थे. कर्मचारियों का कहना था कि कम विकल्प होने के कारण गंभीर बीमारी की स्थिति में उपयुक्त अस्पताल चुनना मुश्किल हो जाता है. अब 66 अस्पतालों को नई सूची में शामिल किए जाने से उपचार के विकल्प बढ़ गए हैं. इसके अलावा छत्तीसगढ़ के भीतर भी 100 से अधिक अस्पतालों में सरकारी कर्मचारी नियमों के अनुसार इलाज करा सकते हैं.
इलाज के बाद मिलेगा भुगतान
अधिमान्य निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा फिलहाल कैशलेस व्यवस्था के तहत नहीं है. कर्मचारी या उनके परिवार को इलाज का खर्च पहले स्वयं वहन करना होगा. उपचार पूरा होने के बाद अस्पताल से प्राप्त बिल और जरूरी दस्तावेजों के आधार पर प्रतिपूर्ति यानी रिअंबर्समेंट की प्रक्रिया शुरू होगी. बड़े मेडिकल बिलों की स्वीकृति चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रक्रिया के तहत होगी और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद निर्धारित राशि कर्मचारी के बैंक खाते में भेजी जाएगी.
गंभीर बीमारी में मिलेंगे ज्यादा विकल्प
नई अधिमान्य अस्पताल व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को गंभीर एवं जटिल बीमारियों के उपचार के लिए बेहतर चिकित्सा संस्थानों तक पहुंच उपलब्ध कराना है. दूसरे राज्यों के 66 अस्पतालों के जुड़ने से कर्मचारियों के पास विशेषज्ञ उपचार के लिए पहले की तुलना में ज्यादा विकल्प होंगे. हालांकि, इलाज से पहले रेफरल की प्रक्रिया और इलाज के खर्च की प्रतिपूर्ति के नियमों का पालन करना अनिवार्य रहेगा. इससे जरूरत पड़ने पर कर्मचारी देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में उपचार करा सकेंगे.
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