CG News: छत्तीसगढ़ में पुलिसिंग को लेकर बड़ा फैसला संभव, दुर्ग या बिलासपुर में कमिश्नरेट पर नजर
CG News: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 15 अगस्त को रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड से प्रदेश की पुलिसिंग को लेकर अहम घोषणाएं कर सकते हैं, चर्चा है कि दुर्ग या बिलासपुर में से किसी एक शहर में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू किया जा सकता है, वहीं रायपुर में मौजूदा कमिश्नरेट का दायरा बढ़ाकर पूरे जिले को इसके तहत लाने का फैसला भी सामने आ सकता है, हालांकि अंतिम तस्वीर मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद ही साफ होगी.

दुर्ग या बिलासपुर में किसे मिलेगा कमिश्नरेट
राज्य में पुलिस कमिश्नर प्रणाली के विस्तार को लेकर तैयारियां चलने की चर्चा है, दुर्ग और बिलासपुर दोनों ही शहर तेजी से शहरीकरण और बढ़ती आबादी के कारण कमिश्नरेट सिस्टम के संभावित विकल्प माने जा रहे हैं, अब सरकार दोनों शहरों में एक साथ व्यवस्था लागू करती है या किसी एक शहर से शुरुआत करती है, इस पर सभी की नजर रहेगी.
रायपुर में पूरे जिले को जोड़ने की तैयारी
रायपुर में 23 जनवरी 2026 से पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू है, फिलहाल इसके तहत शहरी क्षेत्र शामिल है, जबकि ग्रामीण इलाके में अलग पुलिस अधीक्षक की व्यवस्था है, ऐसे में सरकार पूरे रायपुर जिले को एक कमिश्नरेट के दायरे में लाने की घोषणा कर सकती है, अगर ऐसा होता है तो शहर और ग्रामीण पुलिस की अलग-अलग व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
पिछले साल रायपुर से हुई थी शुरुआत
15 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने की घोषणा की थी, इसके बाद कैबिनेट की मंजूरी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने पर 23 जनवरी 2026 से राजधानी में कमिश्नरेट सिस्टम लागू हुआ, अब स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इसके अगले विस्तार की संभावित घोषणा को लेकर चर्चा तेज है.
कमिश्नरेट सिस्टम से पुलिस को मिलते हैं अतिरिक्त अधिकार
कमिश्नरेट व्यवस्था में पुलिस कमिश्नर को कानून-व्यवस्था से जुड़े कुछ प्रशासनिक और मजिस्ट्रेटी अधिकार दिए जा सकते हैं, इससे शांति व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, प्रदर्शन और संवेदनशील परिस्थितियों में फैसले लेने की प्रक्रिया तेज हो सकती है, राज्य के नियमों के अनुसार लाइसेंस, अनुमति और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई से जुड़े कुछ अधिकार भी पुलिस के पास आ सकते हैं, हालांकि अधिकारों का वास्तविक दायरा संबंधित राज्य की अधिसूचना और कानूनों पर निर्भर करता है, ऐसे में कमिश्नरेट सिस्टम का मुख्य उद्देश्य पुलिस को अधिक जिम्मेदारी के साथ त्वरित निर्णय लेने की शक्ति देना है.

