CG News: भोरमदेव महादेव मंदिर में महाचतुर शुद्धि सहस्र कलशम्, श्रद्धा और वैदिक परंपराओं का भव्य संगम
CG News: कबीरधाम के ऐतिहासिक भोरमदेव महादेव मंदिर में पांच दिवसीय महाचतुर शुद्धि सहस्र कलशम् का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ जारी है. देशभर से श्रद्धालु इसमें शामिल हो रहे हैं, महाअनुष्ठान के चौथे दिन कलशाभिषेक, शिवलिंग अभिषेक, अष्टदिक्पालक आवाहन, शिवलिंग स्थापना और योगिनी त्वरिता पूजा जैसे कई विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए. वैदिक मंत्रों के बीच पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से भर गया.

वैदिक विधि से हुआ कलशाभिषेक
केरल से आए वैदिक आचार्यों ने शैव आगम परंपरा के अनुसार भगवान भोरमदेव का कलशाभिषेक कराया. पवित्र कलशों में गंगाजल, पंचगव्य, औषधियां, आम के पत्ते और नारियल स्थापित कर विधिवत पूजा की गई, अनुष्ठान के दौरान अष्टदिक्पालक आवाहन भी किया गया. वैदिक मंत्रों के साथ आठों दिशाओं के अधिष्ठाता देवताओं का स्मरण कर क्षेत्र की रक्षा, विश्व शांति और सभी के कल्याण की कामना की गई.

शिवलिंग स्थापना और विशेष पूजा
वैदिक परंपरा के अनुसार शिवलिंग की स्थापना, प्राण प्रतिष्ठा और अभिषेक संपन्न हुआ. साथ ही योगिनी त्वरिता पूजा के माध्यम से सुख, समृद्धि, सकारात्मक ऊर्जा और सभी बाधाओं के निवारण की प्रार्थना की गई, शाम के समय भगवान भोरमदेव के समक्ष विशेष संगीत, नृत्य और वाद्य अर्चना प्रस्तुत की गई. नादस्वरम, चेंडा और मृदंगम की मंगलध्वनि के साथ भक्तिमय प्रस्तुतियों ने पूरे मंदिर परिसर को शिवमय बना दिया.
मुख्यमंत्री ने लिया आशीर्वाद
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपनी धर्मपत्नी के साथ महाअनुष्ठान में शामिल हुए और भगवान भोरमदेव का आशीर्वाद लिया. इस दौरान जनप्रतिनिधियों, संतों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी पूजा-अर्चना में भाग लिया, आयोजन का अंतिम दिन गुरु पूर्णिमा पर मनाया जाएगा. इस अवसर पर सहस्र कलशाभिषेक, उषा पूजा, शिवलिंग निमज्जन और श्रीचक्र पूजा के साथ महाअनुष्ठान का भव्य समापन होगा. आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस आध्यात्मिक आयोजन का पुण्य लाभ लेने की अपील की है.




