CG News: छत्तीसगढ़ में मेडिकल शिक्षा को नई उपलब्धि, MBBS सीटें बढ़कर हुईं हजारों, अब क्वालिटी एजुकेशन की चुनौती
CG News: छत्तीसगढ़ में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. प्रदेश में सिर्फ एक साल के अंदर एमबीबीएस की 595 सीटों की बढ़ोतरी हुई है. इसके साथ ही 5 सरकारी और एक निजी मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिली है. नए मेडिकल कॉलेजों में 350 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश की मंजूरी दी गई है. हालांकि, सीटों की संख्या बढ़ने के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखना होगी.
NMC ने नए मेडिकल कॉलेजों को दी मान्यता
नेशनल मेडिकल कमीशन यानी NMC की मंजूरी के बाद छत्तीसगढ़ में मेडिकल कॉलेजों की संख्या और एमबीबीएस सीटों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. चालू सत्र के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कवर्धा, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़, गीदम और कुनकुरी मेडिकल कॉलेजों को मान्यता मिली है, इन सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 50-50 सीटों के हिसाब से कुल 250 एमबीबीएस सीटों पर पढ़ाई शुरू होगी. वहीं, निजी क्षेत्र में बालाजी ग्रुप के मां पद्मावती मेडिकल कॉलेज को 100 एमबीबीएस सीटों की मान्यता मिली है.
पुराने मेडिकल कॉलेजों में भी बढ़ीं सीटें
प्रदेश के पुराने मेडिकल कॉलेजों में भी एमबीबीएस सीटों का विस्तार किया गया है. नेहरू मेडिकल कॉलेज रायपुर में 20 सीटें, जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में 25 सीटें, रिम्स में 100 सीटें, अभिषेक मेडिकल कॉलेज और रावतपुरा मेडिकल कॉलेज में 50-50 सीटों की बढ़ोतरी हुई है, नए मेडिकल कॉलेजों से 350 सीटें और पुराने कॉलेजों में बढ़ी 245 सीटों को मिलाकर प्रदेश में कुल 595 एमबीबीएस सीटों की वृद्धि हुई है.
26 साल में मेडिकल शिक्षा का हुआ बड़ा विस्तार
छत्तीसगढ़ में मेडिकल शिक्षा का विस्तार पिछले कुछ वर्षों में तेजी से हुआ है. राज्य गठन के समय प्रदेश में केवल रायपुर का नेहरू मेडिकल कॉलेज था, जहां एमबीबीएस की 100 सीटें थीं, अब प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों और सीटों की संख्या कई गुना बढ़ चुकी है. पिछले एक साल में ही एमबीबीएस सीटों में करीब 25 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
सीटें बढ़ीं, अब क्वालिटी एजुकेशन बड़ी चुनौती
मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि सीटों की संख्या बढ़ना छात्रों के लिए अच्छी खबर है, क्योंकि इससे मेडिकल प्रवेश में अधिक अवसर मिलेंगे. लेकिन इसके साथ ही मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी, विशेषज्ञों के अनुसार, अच्छे डॉक्टर तैयार करने के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक सुविधाएं और पर्याप्त फैकल्टी का होना बेहद जरूरी है. नए मेडिकल कॉलेजों में इन व्यवस्थाओं को मजबूत करना बड़ी चुनौती होगी.
फैकल्टी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर देना होगा ध्यान
मेडिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि केवल कॉलेज और सीटें बढ़ाने से बेहतर डॉक्टर तैयार नहीं किए जा सकते. इसके लिए अनुभवी शिक्षकों, बेहतर लैब, अस्पताल सुविधाओं और पर्याप्त क्लीनिकल प्रशिक्षण की जरूरत होती है, चिकित्सा शिक्षा से जुड़े विशेषज्ञों ने सरकार से अपील की है कि नए और पुराने सभी मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी को जल्द दूर किया जाए.
देशभर में भी बढ़ी मेडिकल सीटें
देशभर में इस सत्र के लिए मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 823 हो गई है. वहीं, एमबीबीएस सीटों की संख्या करीब 1 लाख 36 हजार 939 तक पहुंच गई है. इस साल देशभर में लगभग 9 हजार 911 मेडिकल सीटों की बढ़ोतरी हुई है, छत्तीसगढ़ में बढ़ी एमबीबीएस सीटें मेडिकल छात्रों के लिए नए अवसर लेकर आई हैं, लेकिन अब सरकार के सामने चुनौती होगी कि बढ़ती सीटों के साथ मेडिकल शिक्षा का स्तर भी बेहतर बना रहे.



