CG News: नारायणपुर के वनांचल गांवों में पहली बार पहुंची बिजली, ‘नियद नेल्लानार योजना’ से 45 परिवारों के घर हुए रोशन
CG News: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के सुदूर वनांचल में बसे ग्राम मोहन्दी और मसपुर के लोगों के लिए यह साल ऐतिहासिक साबित हुआ है. दशकों तक लालटेन और ढिबरी की रोशनी में जीवन बिताने वाले ग्रामीणों के घर अब पहली बार बिजली से जगमगा उठे हैं. राज्य सरकार की ‘नियद नेल्लानार योजना’ के तहत इन दुर्गम गांवों तक बिजली पहुंचने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है.
दुर्गम इलाकों में पूरा हुआ चुनौतीपूर्ण काम
घने जंगल, ऊंची पहाड़ियां और कठिन भौगोलिक परिस्थितियां इस परियोजना की सबसे बड़ी चुनौती थीं. इसके बावजूद जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, CSPDCL, और निर्माण एजेंसी ने तय समय में विद्युत लाइन विस्तार का कार्य पूरा किया. इस अभियान के तहत ग्राम मोहन्दी के मिचिंगपारा, कोडियारपारा, बीचपारा और ग्राम मसपुर के गुडरापारा तक बिजली पहुंचाई गई.
45 परिवारों को मिला लाभ
सरकार ने इस परियोजना पर करीब 84.21 लाख रुपये खर्च किए. ग्राम मोहन्दी में लगभग 61.79 लाख रुपये की लागत से 40 परिवारों को पहली बार बिजली कनेक्शन मिला. वहीं, ग्राम मसपुर के गुडरापारा में 22.42 लाख रुपये की लागत से 5 परिवारों के घरों तक बिजली पहुंचाई गई. वर्षों से बुनियादी सुविधा से वंचित इन परिवारों के लिए यह किसी बड़े बदलाव से कम नहीं है.
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
बिजली पहुंचने से अब बच्चों की पढ़ाई रात में भी जारी रह सकेगी. मोबाइल चार्जिंग, पंखे और अन्य घरेलू उपकरणों का उपयोग आसान होगा. स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी, क्योंकि चिकित्सा उपकरणों का संचालन बेहतर तरीके से हो सकेगा. इसके साथ ही सिलाई, कुटीर उद्योग और छोटे व्यवसायों जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे.
ग्रामीणों ने जताई खुशी और आभार
पहली बार अपने घरों में बल्ब जलते देख ग्रामीण भावुक हो उठे. उनका कहना है कि वर्षों का इंतजार अब खत्म हो गया है और यह उनके जीवन का सबसे यादगार पल है. ग्रामीणों ने राज्य सरकार, जिला प्रशासन और विद्युत विभाग का आभार व्यक्त किया. प्रशासन का लक्ष्य अब जिले के अन्य दूरस्थ गांवों तक भी इसी तरह विकास की रोशनी पहुंचाना है.



