CG News: जल संरक्षण को मिला नया अभियान, ‘मोर गांव-मोर पानी’ से भू-जल बढ़ाने की पहल तेज
CG News: छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने के लिए “मोर गांव-मोर पानी” अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है. विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन, VB-G RAM-G, के तहत प्रदेशभर में जल संरक्षण, रोजगार सृजन और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
एमसीबी जिले से हुई अभियान की शुरुआत
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, एमसीबी, जिले के ग्राम पंचायत बरदर में जनभागीदारी कार्यक्रम के साथ अभियान की शुरुआत की गई. इस दौरान “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण भी किया गया. कार्यक्रम में ग्रामीणों को जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक किया गया.
52 एकड़ में विकसित होगा मॉडल
ग्राम पंचायत बरदर में 52 एकड़ क्षेत्र में समेकित जल संरक्षण और हरित विकास मॉडल तैयार किया जा रहा है. इसके तहत कंटूर ट्रेंच सहित विभिन्न जल संरक्षण संरचनाएं बनाई जा रही हैं, जबकि बड़े स्तर पर फलदार और अन्य पौधों का रोपण भी किया जा रहा है. इस पहल का उद्देश्य वर्षा जल का बेहतर संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित करना है.
भू-जल रिचार्ज क्षमता में होगा इजाफा
अभियान के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों से क्षेत्र में लगभग 200 लाख लीटर भू-जल रिचार्ज क्षमता विकसित होने का अनुमान है. इससे भविष्य में सिंचाई, पेयजल उपलब्धता, कृषि उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है.
रोजगार और हरित विकास पर फोकस
इस अभियान के माध्यम से जल संरक्षण कार्यों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ाए जा रहे हैं. सरकार का लक्ष्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और पर्यावरण संतुलन बनाए रखना है.
हर गांव को जल सुरक्षित बनाने का लक्ष्य
सरकार का उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायत को जल सुरक्षित, हरित और आत्मनिर्भर बनाना है. विशेषज्ञों का मानना है कि जल संरक्षण, वृक्षारोपण और प्राकृतिक संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन से आने वाले वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों को स्थायी विकास की नई दिशा मिल सकती है.




