CG News: बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान बना सामाजिक बदलाव की मिसाल, हजारों पंचायतों में आई सकारात्मक क्रांति
CG News: छत्तीसगढ़ में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ चलाया जा रहा “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” अब एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले चुका है। राज्य सरकार ने इसे केवल प्रशासनिक योजना नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का व्यापक अभियान बना दिया है।
बेटियों के सम्मान और सुरक्षा पर फोकस
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में यह अभियान बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान को केंद्र में रखकर आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य समाज में बाल विवाह के प्रति सोच को बदलना और बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करना है।

जमीनी स्तर पर जनभागीदारी
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत प्रतिनिधि, शिक्षक, मितानिनें और स्वयं सहायता समूह लगातार गांव-गांव में लोगों को जागरूक कर रहे हैं। इसी जनभागीदारी ने अभियान को मजबूती दी है।
अभियान की प्रगति
राज्य सरकार ने वर्ष 2028-29 तक छत्तीसगढ़ को पूर्णतः बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है।
अब तक की प्रगति इस प्रकार है:
• 11,693 ग्राम पंचायतों में से 7,498 पंचायतें बाल विवाह मुक्त घोषित (लगभग 64%)
• 196 नगरीय निकायों में से 85 निकाय इस श्रेणी में शामिल
बालोद बना पहला पूर्ण मॉडल जिला
बालोद जिला इस अभियान में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पूर्णतः बाल विवाह मुक्त जिला घोषित किया गया है। यह सफलता अन्य जिलों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है, अभियान के तहत यह समझाया जा रहा है कि कम उम्र में विवाह से बालिकाओं की शिक्षा प्रभावित होती है, स्वास्थ्य जोखिम बढ़ते हैं और उनके भविष्य के अवसर सीमित हो जाते हैं। इसलिए किशोरियों और अभिभावकों को लगातार जागरूक किया जा रहा है।
सामाजिक बदलाव की ओर कदम
पंचायत आधारित निगरानी, जनजागरूकता और सामूहिक भागीदारी के कारण यह अभियान अब एक मजबूत सामाजिक मॉडल के रूप में उभर रहा है। इसकी चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर भी होने लगी है।




