CG News: राजधानी रायपुर में 15 मई से शुरू होगा त्रिदिवसीय ‘रंग संस्कार महोत्सव’, पहले दिन नाटक “मैं अनिकेत हूँ” का मंचन
CG News: राजधानी रायपुर में कला, संस्कृति और रंगमंच का भव्य संगम देखने को मिलने वाला है। संस्कार भारती छत्तीसगढ़ द्वारा स्वर्गीय अशोक चंद्राकर की स्मृति में आयोजित त्रिदिवसीय “रंग संस्कार महोत्सव” का शुभारंभ 15 मई 2026 से महाराष्ट्र मंडल में होगा। यह महोत्सव 17 मई तक चलेगा और इस वर्ष अपने तीसरे संस्करण में प्रवेश कर रहा है।

कल शाम 6:30 बजे होगा भव्य उद्घाटन
महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन शुक्रवार शाम 6:30 बजे किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में संस्कार भारती छत्तीसगढ़ के संरक्षक योगेश अग्रवाल, पद्मश्री अनुज शर्मा, महानगर अध्यक्ष शशांक शर्मा और प्रांतीय अध्यक्ष रिखी क्षत्रिय विशेष रूप से मौजूद रहेंगे, उद्घाटन सत्र के बाद प्रसिद्ध रंगकर्मी शशि वरवंडकर के निर्देशन में नाटक “मैं अनिकेत हूँ” का मंचन किया जाएगा। यह प्रस्तुति मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक सरोकारों को मंच पर जीवंत रूप में प्रस्तुत करेगी।

“राष्ट्र रंग” चित्र प्रदर्शनी होगी विशेष आकर्षण
महोत्सव के दौरान तीनों दिन “राष्ट्र रंग : संघ साधना के 100 वर्ष” विषय पर विशेष चित्र प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। यह प्रदर्शनी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर आधारित होगी, जिसमें राष्ट्र जीवन, सांस्कृतिक चेतना और संगठनात्मक यात्रा को कलात्मक ढंग से प्रदर्शित किया जाएगा।

16 मई को होंगे दो विशेष नाटक
16 मई को नाटक “सूखी डाली” और “संत रविदास” का मंचन किया जाएगा। “सूखी डाली” का निर्देशन अर्पिता बेडेकर ने किया है। इस अवसर पर कुरूद विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

समापन दिवस पर मंचित होगा “राजा रवि वर्मा”
17 मई को महोत्सव के समापन अवसर पर नाटक “राजा रवि वर्मा : एक अनकही लड़ाई” की प्रस्तुति दी जाएगी। इसका निर्देशन डॉ. आनंद कुमार पाण्डेय ने किया है। समापन समारोह में दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, नागपुर की निदेशक आस्था कार्लेकर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी।
लीना मोहन एंटी को मिलेगा “रंग साधक सम्मान”
रंगमंच के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए श्रीमती लीना मोहन एंटी को “रंग साधक सम्मान” से सम्मानित किया जाएगा, यह आयोजन संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों ने प्रदेश के कला प्रेमियों, साहित्यकारों, रंगकर्मियों और नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस सांस्कृतिक महोत्सव का हिस्सा बनने की अपील की है।


