CG News: दिव्यांग भीमा मारकंडे की प्रेरक कहानी, ट्राइसाइकिल से मिली नई उड़ान
CG News: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चल रहे सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित कार्यक्रम में एक ऐसी प्रेरक कहानी सामने आई है, जो संघर्ष और आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गई है।
हादसे ने बदली जिंदगी
ग्राम हरदी निवासी भीमा मारकंडे की जिंदगी तब पूरी तरह बदल गई, जब हैदराबाद में निर्माण कार्य के दौरान वे गंभीर हादसे का शिकार हो गए। इस दुर्घटना में उनकी कमर में गंभीर चोट आई और वे 80 प्रतिशत दिव्यांग हो गए, परिवार की जिम्मेदारी और दो छोटी बेटियों के पालन-पोषण ने उनके सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी। लंबे समय तक बैसाखी ही उनका सहारा बनी रही।

समाज कल्याण विभाग से मिली नई उम्मीद
हार न मानते हुए भीमा ने समाज कल्याण विभाग के माध्यम से बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल के लिए आवेदन किया। सुशासन तिहार के दौरान यह उपकरण उन्हें प्रदान किया गया, जिसने उनके जीवन में नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता की शुरुआत की।
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
अब भीमा बिना किसी सहारे के दूर-दराज इलाकों तक जाकर रोजगार की तलाश कर सकते हैं। उनकी निर्भरता कम हुई है और वे समाज की मुख्यधारा में सक्रिय भूमिका निभाने की ओर बढ़ चुके हैं।
सरकार के प्रति आभार
भीमा मारकंडे ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं और सुशासन तिहार ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि अब वे अपने परिवार के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह सक्षम महसूस करते हैं।
अन्य दिव्यांगजनों के लिए भी पहल
समाज कल्याण विभाग के अनुसार, जिले में 40 से 79 प्रतिशत दिव्यांगता वाले 109 पात्र व्यक्तियों को भी मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान की जाएगी, जिससे अनेक लोगों को लाभ मिलेगा, भीमा मारकंडे की यह कहानी साबित करती है कि सही समय पर मिली सहायता और मजबूत इच्छाशक्ति मिलकर किसी भी कठिन परिस्थिति को अवसर में बदल सकती है। अब वे आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं।




