शारदीय नवरात्र 2026: नवरात्र पर डोंगरगढ़ में होगी भव्य सजावट, 1.5 क्विंटल का पीतल का शेर और क्यूआर कोड से मिलेंगी सुविधाएं
शारदीय नवरात्र 2026: डोंगरगढ़ स्थित प्रसिद्ध मां बम्लेश्वरी मंदिर में इस बार क्वांर नवरात्र के अवसर पर की जाने वाली भव्य सजावट और अत्याधुनिक व्यवस्थाएं देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेंगी. मंदिर ट्रस्ट द्वारा पर्व को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, जिससे दर्शन के लिए पहुँचने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और अलौकिक अनुभव प्राप्त हो सके.

15 लाख की लागत से सजेगा दरबार
इस बार मंदिर में माता के दरबार के ठीक सामने लगभग 15 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया डेढ़ क्विंटल वजनी और करीब चार फीट ऊंचा पीतल का भव्य शेर स्थापित किया जाएगा. नासिक के श्रद्धालु नंदेश मुरलीधर येंडे ने अपनी माता इंदुमति येंडे की स्मृति में इस कलात्मक प्रतिमा को मंदिर ट्रस्ट को दान किया है, जो छोटी बम्लेश्वरी मंदिर के गर्भगृह के सामने विराजमान होगा.

सोने की नक्काशी की है योजना
क्वांर नवरात्र के पावन पर्व पर छोटी बम्लेश्वरी मंदिर को विशेष ‘अंबर थीम’ के तहत सुनहरी और केसरिया रोशनी से आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा. इसके साथ ही पहाड़ी पर स्थित बड़ी बम्लेश्वरी मंदिर के मुख्य ध्वजदंड और कलश पर सोने की नक्काशी व कारीगरी करने की भी योजना है, जिसके लिए करीब 2100 ग्राम सोने की आवश्यकता होगी.
भीड़ प्रबंधन के लिए सीढ़ियों पर लगाए गए क्यूआर कोड
त्योहार के दौरान मंदिर में उमड़ने वाली भारी भीड़ और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर ट्रस्ट ने इस बार आधुनिक तकनीक का सराहनीय उपयोग किया है. मंदिर जाने वाले मार्ग की सीढ़ियों पर विशेष क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं, जिन्हें स्कैन करके श्रद्धालु अपने मोबाइल पर ही पेयजल केंद्रों और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी जरूरी सुविधाओं की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे.
दुर्गा प्रतिमाओं की देश के कई राज्यों में धूम
नवरात्र के आगमन के साथ ही छत्तीसगढ़ के शिल्पग्राम थनौद में चार पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा के तहत निर्मित मां दुर्गा की प्रतिमाओं की मांग देश के कई अन्य राज्यों तक पहुँच चुकी है. यहाँ की लगभग 40 वर्कशॉप्स में स्थानीय कारीगरों द्वारा 5 से 25 फीट तक ऊंची 1500 से अधिक प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं, जिनका कारोबार करीब 8 करोड़ रुपये तक पहुंचता है और इससे सैकड़ों परिवारों को रोजगार मिलता है.


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