CG News: छत्तीसगढ़ में अवैध खनन के खिलाफ सख्ती, ड्रोन सर्वे के बाद बड़ी कार्रवाई, 6 क्रशर सीलबंद
CG News: छत्तीसगढ़ में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य सरकार के निर्देश पर खनिज विभाग की विशेष टीम ने विभिन्न जिलों में अभियान चलाकर कई अनियमितताओं का खुलासा किया। जांच के दौरान बलौदाबाजार में छह क्रशर इकाइयों को सीलबंद किया गया, जबकि सारंगढ़-बिलाईगढ़ में अवैध रेत उत्खनन में उपयोग की जा रही मशीन जब्त की गई।

ड्रोन तकनीक से हुई निगरानी
खनिज विभाग ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए ड्रोन सर्वेक्षण के माध्यम से खनन क्षेत्रों की निगरानी की। ड्रोन से प्राप्त जानकारी के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर संयुक्त जांच टीम ने मौके पर कार्रवाई की, जिले के खपरीडीह क्षेत्र में खनिज भंडारण स्थलों और खदानों का निरीक्षण किया गया। जांच में कई प्रकार की अनियमितताएं सामने आने पर छह क्रशर इकाइयों को सीलबंद कर दिया गया। संबंधित संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
अवैध रेत उत्खनन में लगी मशीन जब्त
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के महानदी क्षेत्र में औचक निरीक्षण के दौरान अवैध रेत उत्खनन की गतिविधि पकड़ी गई। मौके पर उपयोग में लाई जा रही चैन माउंटेन मशीन को जब्त कर सील कर दिया गया। मशीन मालिक को नोटिस जारी कर नियमानुसार जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, राज्य सरकार का उद्देश्य खनिज संपदा का संरक्षण और उसका नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित करना है। इसके लिए अवैध खनन से जुड़े मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
आधुनिक तकनीक से बढ़ेगी निगरानी
खनिज विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ड्रोन सर्वे, डिजिटल मॉनिटरिंग और नियमित निरीक्षण के माध्यम से अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए। शिकायतों के त्वरित निराकरण और दोषियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई पर भी जोर दिया गया है, हाल के महीनों में प्रदेशभर में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के मामलों में कई कार्रवाई की गई हैं। विभाग का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे ताकि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
पर्यावरण और राजस्व दोनों की सुरक्षा
विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध खनन पर नियंत्रण से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सरकारी राजस्व की हानि भी रोकी जा सकेगी। इसी उद्देश्य से निगरानी तंत्र को और मजबूत बनाया जा रहा है।

