CG News: साय कैबिनेट में बदलाव की अटकलें तेज, नए चेहरों की एंट्री और विभागों में फेरबदल की चर्चा
CG News: छत्तीसगढ़ की राजनीति में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चाओं ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है. हालांकि राज्य सरकार या भाजपा संगठन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. भाजपा के प्रदेश संगठन में संभावित बदलाव और केंद्र में मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाओं के बीच राज्य में भी नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं. चर्चा है कि कुछ मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं और नए चेहरों को मौका मिल सकता है.
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केंद्रीय राजनीति से भी जोड़ा जा रहा बदलाव
मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की चर्चाओं को भाजपा के संगठनात्मक बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है. राजनीतिक गलियारों में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू की भूमिका में संभावित बदलाव को लेकर भी चर्चा है और उन्हें प्रदेश संगठन में जिम्मेदारी मिलने के कयास लगाए जा रहे हैं. ऐसी स्थिति में छत्तीसगढ़ से किसी अन्य सांसद को केंद्र में जगह मिलने की संभावना की भी चर्चा है. हालांकि इन सभी संभावनाओं की अभी पुष्टि नहीं हुई है.
सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण बनेंगे बड़ा आधार
अगर साय मंत्रिमंडल में बदलाव होता है तो सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को सबसे अहम आधार माना जा सकता है. मौजूदा 14 सदस्यीय मंत्रिमंडल में आदिवासी, अनुसूचित जाति, ओबीसी और सामान्य वर्ग को प्रतिनिधित्व मिला हुआ है. ओबीसी वर्ग के मंत्रियों की संख्या सबसे अधिक है, जबकि मौजूदा व्यवस्था में अल्पसंख्यक वर्ग का प्रतिनिधित्व नहीं है. ऐसे में किसी भी संभावित बदलाव का असर सरकार के सामाजिक संतुलन पर पड़ सकता है.
कुछ क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व पर भी नजर
क्षेत्रीय समीकरणों की बात करें तो मौजूदा मंत्रिमंडल में प्रदेश के कई लोकसभा क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व मिला है. रायगढ़, सरगुजा, कोरबा, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, रायपुर और बस्तर जैसे क्षेत्रों से मंत्री सरकार में शामिल हैं. वहीं कांकेर और महासमुंद लोकसभा क्षेत्र से फिलहाल मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व नहीं है. इसलिए संभावित फेरबदल में क्षेत्रीय संतुलन को लेकर भी पार्टी नेतृत्व के फैसले पर नजर रहेगी.
किसके नाम पर चर्चा, अभी फैसला बाकी
राजनीतिक चर्चाओं में कुछ मौजूदा मंत्रियों को लेकर बदलाव की अटकलें हैं, जबकि कुछ वरिष्ठ नेताओं और उपमुख्यमंत्रियों की स्थिति को लेकर स्थिरता के कयास लगाए जा रहे हैं. ओबीसी प्रतिनिधित्व में बदलाव कर सामान्य, आदिवासी या अल्पसंख्यक वर्ग को जगह देने की संभावना की बातें भी सामने आ रही हैं. हालांकि अभी किसी मंत्री को हटाने, नए चेहरे को शामिल करने या विभाग बदलने की आधिकारिक जानकारी नहीं है. इसलिए फिलहाल इन चर्चाओं को केवल राजनीतिक कयास के तौर पर ही देखा जा रहा है और अंतिम तस्वीर आधिकारिक फैसले के बाद ही साफ होगी.
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