CG News: छत्तीसगढ़ में सुशासन फेलोशिप का दूसरा बैच शुरू, 36 युवा बनेंगे प्रशासनिक बदलाव के वाहक
CG News: छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक सुधार और जन-केंद्रित शासन को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के द्वितीय बैच का शुभारंभ किया गया। आईआईएम रायपुर में आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम में 36 चयनित युवाओं को इस प्रतिष्ठित फेलोशिप के लिए शामिल किया गया, जो आने वाले समय में राज्य के सुशासन मॉडल को नई दिशा देंगे।
36 युवा बनेंगे सुशासन के नए प्रतिनिधि
इस कार्यक्रम के तहत राज्य के 19 जिलों से चयनित 36 प्रतिभाशाली युवाओं को एमबीए (पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस) 2026-28 बैच में प्रवेश दिया गया है। इन फेलोज़ में अनुसूचित जनजाति वर्ग के 12 और अनुसूचित जाति वर्ग के 4 अभ्यर्थी शामिल हैं। यह पहल युवाओं को प्रशासनिक दक्षता और नीति निर्माण की गहरी समझ देने के लिए की गई है।

पढ़ाई के साथ मिलेगा जमीनी अनुभव
फेलोशिप कार्यक्रम में प्रतिभागियों को 5 महीने आईआईएम रायपुर में अकादमिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद 19 महीने तक वे राज्य के विभिन्न विभागों और जिलों में कार्य करते हुए नीति निर्माण, प्रशासनिक नवाचार और योजनाओं के क्रियान्वयन का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे। यह मॉडल शिक्षा और शासन के बीच मजबूत सेतु का कार्य करेगा।
अधिकारियों ने साझा किए अनुभव और मार्गदर्शन
मुख्य अतिथि सचिव श्री राहुल भगत ने कहा कि सुशासन केवल नीति निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि उसका प्रभावी क्रियान्वयन और नागरिकों तक सेवाओं की समय पर पहुंच भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से नैतिक नेतृत्व, नवाचार और जनसेवा की भावना को अपनाने का आह्वान किया।
आधुनिक तकनीक से मजबूत होगा शासन
कार्यक्रम में विशेष सचिव श्री रजत बंसल और संयुक्त सचिव श्री मयंक अग्रवाल ने प्रतिभागियों को डिजिटल गवर्नेंस, प्रशासनिक सुधार और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने युवाओं को शासन व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
पारदर्शी चयन प्रक्रिया से हुआ चयन
इस फेलोशिप के लिए केवल छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों का चयन किया गया है। चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही, जिसमें CAT स्कोर और आईआईएम रायपुर की मानकीकृत प्रक्रिया का उपयोग किया गया। चयनित 36 फेलोज़ राज्य के 19 जिलों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

