CG News: छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत, अब बढ़े लोड का शुल्क हर महीने नहीं, साल में सिर्फ एक बार लगेगा
CG News: छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. अब बिजली का लोड बढ़ने पर तीन महीने बाद अगले बिल में अतिरिक्त लोड शुल्क नहीं जोड़ा जाएगा. छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी ने नई व्यवस्था लागू करते हुए फैसला किया है कि बढ़े हुए लोड का शुल्क अब साल में केवल एक बार दिसंबर के बिजली बिल में जोड़ा जाएगा.

गर्मी में बढ़े बिल से मिली राहत
इस साल गर्मियों में बिजली की खपत बढ़ने के साथ कई उपभोक्ताओं के बिल में अतिरिक्त लोड शुल्क जुड़ गया था, जिससे लोगों को ज्यादा बिल भरना पड़ा. एक किलोवाट अतिरिक्त लोड पर 800 रुपये शुल्क और 18 प्रतिशत जीएसटी मिलाकर कुल 944 रुपये वसूले जाते हैं. अधिक बिल आने के बाद प्रदेशभर में उपभोक्ताओं ने नाराजगी जताई थी.
ऐसे तय होता है बढ़ा हुआ लोड
पावर कंपनी के नियमों के अनुसार यदि किसी उपभोक्ता का बिजली लोड लगातार तीन महीने तक स्वीकृत क्षमता से अधिक रहता है, तो उसका लोड स्वतः बढ़ा हुआ मान लिया जाता है. पहले इसका शुल्क तीन महीने बाद ही बिजली बिल में जोड़ दिया जाता था. इस व्यवस्था का उद्देश्य ट्रांसफार्मरों पर बढ़ते दबाव को नियंत्रित करना और बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखना था.
अब दिसंबर के बिल में ही लगेगा शुल्क
नई व्यवस्था के तहत अब चाहे लोड गर्मियों में बढ़े या वर्ष के किसी भी समय, उसका शुल्क तीन महीने बाद नहीं लिया जाएगा. पावर कंपनी इसे सीधे दिसंबर माह के बिजली बिल में जोड़ेगी, जो उपभोक्ताओं को जनवरी में प्राप्त होगा. चूंकि दिसंबर में बिजली की खपत अपेक्षाकृत कम रहती है, इसलिए बिल पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी कम महसूस होगा.
पावर कंपनी ने दी जानकारी
वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने बताया कि उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है. उनका कहना है कि अब बढ़े हुए लोड का शुल्क वर्ष में केवल एक बार दिसंबर के बिल में जोड़ा जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को गर्मियों के दौरान अधिक बिजली बिल की समस्या से राहत मिलेगी.


