CG News: छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क का होगा दोगुना विस्तार, कई नई रेल परियोजनाओं पर तेजी से काम
CG News: छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क के विस्तार को लेकर केंद्र सरकार बड़े स्तर पर काम कर रही है. वर्ष 2014 तक प्रदेश में करीब 1,100 रूट किलोमीटर रेल लाइन थी, जिसे वर्ष 2030 तक बढ़ाकर 2,200 रूट किलोमीटर करने का लक्ष्य रखा गया है. इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए करीब 51 हजार करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं पर काम जारी है.
कई नई रेल लाइनों की तैयारी
प्रदेश में खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा रेल लाइन, रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना, कोरबा-अंबिकापुर रेल लाइन और गढ़चिरौली-बचेली रेल लाइन के लिए सर्वे और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है. इन परियोजनाओं के पूरा होने से कई क्षेत्रों की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी.
जशपुर पहली बार जुड़ेगा रेल नेटवर्क से
धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल लाइन को विशेष रेल परियोजना का दर्जा दिया गया है. इस परियोजना के पूरा होने के बाद जशपुर जिला पहली बार सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा, जिससे क्षेत्र में आवागमन और विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है, रायपुर में 175 करोड़ रुपये की लागत से इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए नई होमिंग और मेंटेनेंस सुविधा विकसित की जा रही है. इसके तहत 250 इलेक्ट्रिक इंजनों के रखरखाव की व्यवस्था तैयार होगी, जिससे रेल संचालन और अधिक सुगम बनाया जा सकेगा.
दोहरीकरण और नई लाइन का काम जारी
प्रदेश में बोरीदंड-अंबिकापुर रेल लाइन के दोहरीकरण और बिलासपुर-झारसुगुड़ा चौथी रेल लाइन का निर्माण भी तेजी से चल रहा है. इन परियोजनाओं से ट्रेनों की आवाजाही बढ़ेगी और माल परिवहन को भी मजबूती मिलेगी, रायपुर-विशाखापत्तनम और रायपुर-नागपुर वंदे भारत ट्रेनों के संचालन के बाद प्रदेश में आधुनिक रेल सुविधाओं का विस्तार लगातार किया जा रहा है. सरकार का उद्देश्य बेहतर कनेक्टिविटी के साथ यात्रियों को तेज और सुविधाजनक रेल सेवा उपलब्ध कराना है.


