CG News: AI हब बनने की राह पर छत्तीसगढ़, सरकार ने डिजिटल भविष्य के लिए तैयार किया बड़ा रोडमैप
CG News: छत्तीसगढ़ अब केवल प्राकृतिक संसाधनों वाले राज्य के रूप में नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल तकनीक और हाईटेक उद्योगों के नए केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाने की तैयारी कर रहा है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ऐसा डिजिटल रोडमैप तैयार किया है, जिसमें युवाओं के कौशल विकास, रोजगार, स्टार्टअप, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सुशासन को एक साथ जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है.

AI आधारित सुशासन को मिलेगा नया विस्तार
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासन में AI तकनीक के उपयोग को तेज करने के निर्देश दिए. बैठक में भारतनेट फेज-3, सेवा सेतु पोर्टल, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, डेटा लैब्स, मोबाइल नेटवर्क विस्तार और अन्य डिजिटल परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की गई. सरकार का लक्ष्य नागरिकों को तेज, पारदर्शी और आसान सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना है.

सरकारी स्कूलों में शुरू होगी AI आधारित पढ़ाई
नई पीढ़ी को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने Google India के सहयोग से AI आधारित शिक्षा अभियान शुरू किया है. पहले चरण में रायपुर संभाग के 200 से अधिक सरकारी शिक्षकों को Google for Education Tools के जरिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसके बाद छात्र भी AI आधारित आधुनिक शिक्षण प्रणाली का लाभ उठा सकेंगे, IIIT नवा रायपुर के सहयोग से शुरू की गई मुख्यमंत्री IT Fellowship के तहत चार बैचों में 100 प्रतिभाशाली छात्रों का चयन किया जाएगा. चयनित विद्यार्थियों को AI और डेटा साइंस में M.Tech की पढ़ाई के दौरान हर महीने 50 हजार रुपये का स्टाइपेंड, पूरी ट्यूशन फीस में छूट और राज्य सरकार की लाइव परियोजनाओं पर काम करने का अवसर मिलेगा.

स्टार्टअप और निवेश को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन
राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक 5 हजार से अधिक स्टार्टअप विकसित करने का लक्ष्य तय किया है. इसके लिए 100 करोड़ रुपये का स्टार्टअप कैपिटल फंड बनाया गया है. नई नीति के तहत AI और IT क्षेत्र में निवेश करने वाली कंपनियों को पूंजीगत सब्सिडी, अनुसंधान सहायता, स्टाम्प ड्यूटी में छूट और स्थानीय युवाओं को रोजगार देने पर अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाएगा, नवा रायपुर अटल नगर में लगभग 13.5 एकड़ क्षेत्र में एक हजार करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश से देश का पहला समर्पित AI Data Center Park विकसित किया जा रहा है. यह केंद्र हाई-परफॉर्मेंस GPU और आधुनिक कंप्यूटिंग सुविधाओं से लैस होगा. परियोजना शुरू होने के बाद करीब दो हजार प्रत्यक्ष तकनीकी रोजगार सृजित होने की संभावना है.
AI से होगी योजनाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग
सरकार ने ई-प्रगति पारस नामक AI आधारित प्लेटफॉर्म लागू किया है. इसके माध्यम से सरकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं की रियल टाइम निगरानी की जा रही है. यह प्रणाली कार्यों में देरी होने पर जवाबदेही तय करने और परियोजनाओं की प्रगति पर लगातार नजर रखने में मदद करेगी, सेवा सेतु पोर्टल में QR आधारित प्रमाणपत्र सत्यापन, DigiLocker इंटीग्रेशन और AI आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं. इससे नागरिकों को अधिकतर सरकारी सेवाएं ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से मिल सकेंगी, साथ ही कार्यालयों के चक्कर भी कम लगाने पड़ेंगे.
कृषि और स्वास्थ्य में भी बढ़ रहा AI का उपयोग
सरकार कृषि क्षेत्र में मौसम पूर्वानुमान और Soil Health Card के आंकड़ों के आधार पर किसानों को वैज्ञानिक सलाह उपलब्ध करा रही है. वहीं स्वास्थ्य सेवाओं में दूरस्थ क्षेत्रों के लिए AI आधारित पोर्टेबल डायग्नोस्टिक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है, ताकि गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान और उपचार संभव हो सके, भारतनेट फेज-3 के तहत 4,114 ग्राम पंचायतों तक हाई-स्पीड ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क पहुंचाया जा रहा है. इसके अलावा दूरस्थ इलाकों में लगभग 5 हजार नए मोबाइल टावर स्थापित किए जा रहे हैं. सरकार का मानना है कि मजबूत डिजिटल नेटवर्क से ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी.
