CG News: दिल्ली में राष्ट्रीय जल सम्मेलन, PM मोदी की मौजूदगी में CM साय पेश करेंगे छत्तीसगढ़ का ‘5 प्रतिशत मॉडल’
CG News: नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की ओर से आयोजित विभागीय शिखर सम्मेलन में छत्तीसगढ़ को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है. देशभर के जल संसाधन मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में होने वाले इस राष्ट्रीय सम्मेलन के ‘कैच द रेन’ यानी जल संचय और जनभागीदारी विषयक सत्र का समापन प्रस्तुतिकरण मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे.

PM मोदी के सामने रखेंगे राज्यों के अनुभव
सम्मेलन के समापन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय थीम-2 के तहत देशभर में हुए विचार-विमर्श और अलग-अलग राज्यों के अनुभवों को साझा करेंगे. इस दौरान मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री, मंत्रियों और सचिवों के सामने जल संरक्षण से जुड़े सर्वसम्मत और समयबद्ध कार्यबिंदु भी प्रस्तुत करेंगे. मुख्यमंत्री मंगलवार शाम 7 बजे सम्मेलन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं.
24 लाख से ज्यादा जल संरक्षण संरचनाएं
बुधवार को सम्मेलन के समापन अवसर पर छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण, जल संचय, नवाचार और जनभागीदारी से जुड़े मॉडल देश के सामने रखे जाएंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2021 में दिए गए ‘कैच द रेन’ आह्वान, ‘जल जहां गिरे, जब गिरे, वहीं संचय करें’, से शुरू हुआ अभियान अब बड़े जनभागीदारी आंदोलन में बदल चुका है. पहले चरण में 10 लाख के लक्ष्य के मुकाबले 27.6 लाख और दूसरे चरण में एक करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 1.5 करोड़ से अधिक जल संरक्षण संरचनाएं दर्ज की गईं.
2027 तक दो करोड़ संरचनाओं का लक्ष्य
अब 31 मई 2027 तक देश में दो करोड़ नई जल संरक्षण संरचनाएं तैयार करने का राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इस अभियान में छत्तीसगढ़ भी अग्रणी राज्यों में शामिल है. जेएसजेबी 2.0 के तहत प्रदेश में 24.07 लाख से अधिक जल संरक्षण संरचनाएं दर्ज की जा चुकी हैं. इन आंकड़ों के जरिए प्रदेश में जल संचय और संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा.
कोरिया का 5 प्रतिशत मॉडल बना मिसाल
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से शुरू हुआ ‘5 प्रतिशत मॉडल’ भी देशभर में चर्चा का विषय बना है. इस मॉडल के तहत किसान स्वेच्छा से अपनी भूमि का पांच प्रतिशत हिस्सा जल पुनर्भरण संरचनाओं के लिए समर्पित करते हैं. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ को मिली यह जिम्मेदारी उन सभी लोगों का सम्मान है, जिन्होंने अपने गांवों में पानी रोकने के लिए काम किया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘कैच द रेन’ आह्वान को प्रदेश के किसानों, महिलाओं और युवाओं ने जनआंदोलन का रूप दिया है. जल-सुरक्षित भारत ही विकसित भारत 2047 की दिशा में आगे बढ़ने का आधार बनेगा.
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