CG News: महासमुंद के मोहन चंद्राकर की खेती में नई मिसाल, जैविक फसलों से किसानों को दिखाया रास्ता
CG News: महासमुंद जिले के ग्राम केशवा निवासी मोहन चंद्राकर आज प्रगतिशील और नवाचारी किसान के रूप में पहचान बना चुके हैं. MBA की पढ़ाई के बाद उन्होंने वर्ष 1997 से 2013 तक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी की, लेकिन इसके बाद खेती की ओर लौटने का फैसला किया. वर्ष 2013 से उन्होंने कृषि को व्यवसाय के रूप में विकसित करने की शुरुआत की और जैविक व प्राकृतिक पद्धतियों से खेती को नई दिशा देने का काम किया.

पारंपरिक और औषधीय फसलों पर जोर
मोहन चंद्राकर अपने खेत में पारंपरिक, सुगंधित और औषधीय गुणों वाली कई फसलों का उत्पादन कर रहे हैं. उनके प्रक्षेत्र में जावफूल, विष्णुभोग, जोहा, चखव, संजवनी, पीहू पर्पल राइस और काला गेहूं जैसी फसलें उगाई जा रही हैं. वे अपनी उपज का प्रसंस्करण खुद की राइस मिल में करते हैं और तथास्तु – अच्छे लोग, अच्छा भोजन ब्रांड के माध्यम से बाजार तक पहुंचाते हैं.
300 किसानों को FPO से जोड़ा
वर्ष 2017 में उन्होंने तथास्तु फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड यानी ऊर्जा कृषि FPO का गठन किया, जिससे करीब 300 किसान जुड़े हैं. वे किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, फसल विविधीकरण, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और बाजार से जुड़ने की जानकारी दे रहे हैं. उनके मार्गदर्शन से कई किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य हासिल करने और आय बढ़ाने के अवसर मिले हैं. खरीफ 2026 में वे पारंपरिक सुगंधित धान की किस्मों के संरक्षण पर भी काम कर रहे हैं.
बंजर जमीन पर खड़ा किया हरित मॉडल
मोहन चंद्राकर ने करीब 6 एकड़ बंजर भूमि पर 400 ऑस्ट्रेलियन टीक के पौधे लगाए, जो अब 20 से 30 फीट तक ऊंचे हो चुके हैं. वर्ष 2024 से वे सफेद चंदन के 200 पौधों के साथ आम, महुआ, जामुन, चीकू, अमरूद और अन्य उपयोगी पेड़ों का रोपण व संरक्षण कर रहे हैं. उनका मानना है कि वृक्षारोपण आने वाली पीढ़ी के लिए फिक्स डिपॉजिट की तरह है, जिसका लाभ लंबे समय तक मिलता रहेगा.
राष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान
कृषि क्षेत्र में उनके नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है. वर्ष 2018 में उन्हें ICAR, नई दिल्ली में श्रेष्ठ नवाचार किसानों के साथ संवाद का अवसर मिला. अप्रैल 2026 में उन्हें राइस आइकॉन ऑफ इंडिया सम्मान से सम्मानित किया गया. इसके बाद 4 जून 2026 को रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें नवाचार एवं प्रगतिशील किसान सम्मान दिया. उनकी सफलता खेती को व्यवसाय और नवाचार से जोड़ने की एक प्रेरक मिसाल बन रही है.
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