CG News: कांकेर की महिलाओं का ‘कांकेयर’ ब्रांड बना सफलता की मिसाल, देशभर में बढ़ रही ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग
CG News: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले की ग्रामीण महिलाएं अब आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बन रही हैं. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, बिहान के तहत महिला स्वसहायता समूहों द्वारा तैयार किया गया ‘कांकेयर’ ब्रांड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. शुद्ध और जैविक उत्पादों की बढ़ती मांग के बीच यह ब्रांड ग्रामीण महिलाओं की पहचान बनकर उभरा है.

महिला समूहों ने बनाई अलग पहचान
‘कांकेयर’ ब्रांड के जरिए महिला स्वसहायता समूह सरसों तेल, अरहर दाल, शहद, छिंद गुड़, रागी, कोदो, मक्का आटा और आम का अचार जैसे कई प्राकृतिक उत्पाद तैयार कर रहे हैं. इन उत्पादों की गुणवत्ता और शुद्धता के कारण उपभोक्ताओं का भरोसा लगातार बढ़ रहा है.

पूरी तरह प्राकृतिक और जैविक उत्पाद
दण्डकारण्य क्षेत्र की प्राकृतिक परिस्थितियों में तैयार किए जाने वाले इन उत्पादों का निर्माण पारंपरिक और जैविक पद्धति से किया जाता है. इनमें रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं किया जाता. सभी उत्पाद एफएसएसएआई पंजीकृत हैं, जिससे उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित होती है.
स्थानीय बाजार से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक पहुंच
‘कांकेयर’ उत्पादों की बिक्री सी-मार्ट और कांकेश्वरी एफपीसी के माध्यम से की जा रही है. जिला पंचायत परिसर स्थित पैकेजिंग इकाई से थोक खरीद की सुविधा भी उपलब्ध है. इसके अलावा उपभोक्ता Kancare.Shop के जरिए घर बैठे ऑनलाइन ऑर्डर कर प्राकृतिक उत्पाद मंगा सकते हैं.
बिक्री में लगातार हो रही बढ़ोतरी
जिला पंचायत के अनुसार अब तक ‘कांकेयर’ ब्रांड के तहत 92 किलोग्राम अरहर दाल, 5.5 किलोग्राम शहद, 5 किलोग्राम छिंद गुड़, 9 किलोग्राम रागी आटा और 6 किलोग्राम मक्का आटा की बिक्री हो चुकी है. यह आंकड़ा स्थानीय उत्पादों के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है.
आत्मनिर्भरता की नई मिसाल
‘कांकेयर’ अब केवल एक ब्रांड नहीं, बल्कि कांकेर की हजारों ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास, रोजगार और आर्थिक सशक्तीकरण का प्रतीक बन चुका है. यह पहल स्थानीय जैविक उत्पादों को बाजार दिलाने के साथ महिलाओं को स्थायी आय का मजबूत माध्यम भी उपलब्ध करा रही है.

