CG News: जशक्राफ्ट से बांस हस्तशिल्प को नई पहचान, महिलाओं और कारीगरों को मिलेगा बड़ा लाभ
CG News: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पारंपरिक बांस हस्तशिल्प को नई पहचान दिलाने के लिए “जशक्राफ्ट” ब्रांड के तहत विशेष पहल की जा रही है. इसका उद्देश्य स्थानीय कारीगरों को आधुनिक तकनीक, नए डिजाइन और बेहतर बाजार उपलब्ध कराकर उनकी आय बढ़ाना है. इस पहल से महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण परिवारों को भी नई आजीविका के अवसर मिल रहे हैं.
महिलाओं को दिया जा रहा आधुनिक प्रशिक्षण
जशपुर विकासखंड के ग्राम झोलांगा में एक माह का आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है. जिला पंचायत और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, बिहान, के सहयोग से संचालित इस प्रशिक्षण में पहले चरण में 46 महिलाएं हिस्सा ले रही हैं. प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक मशीनों के उपयोग और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करना सिखाया जा रहा है.
सीख रहे आधुनिक डिजाइन और उत्पाद निर्माण
प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को सजावटी सामग्री, ट्रे, टोकरियां, चटाई, फर्नीचर, सोफा, पलंग और अन्य आकर्षक बांस उत्पाद तैयार करने का व्यावहारिक ज्ञान दिया जा रहा है. इसके लिए विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की मदद ली जा रही है, ताकि स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता और बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ सके.
कारीगरों को मिलेगा बेहतर बाजार
जशक्राफ्ट ब्रांड के तहत तैयार उत्पादों को रूरल मार्ट, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियों सहित विभिन्न बाजारों तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है. इसके लिए डिजाइन और विपणन विशेषज्ञों का सहयोग लिया जा रहा है, जिससे कारीगरों को अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य मिल सके.
आजीविका और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
जशपुर और मनोरा क्षेत्र के सैकड़ों परिवार लंबे समय से बांस हस्तशिल्प से जुड़े हैं. इन परिवारों को बैंक लिंकेज, सामुदायिक निवेश निधि, मुद्रा ऋण और अन्य वित्तीय सहायता योजनाओं से जोड़कर उनके स्वरोजगार को मजबूत किया जा रहा है. साथ ही समय-समय पर कौशल विकास और उद्यमिता प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है.
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
प्रशासन का मानना है कि यह पहल पारंपरिक हस्तशिल्प को आधुनिक बाजार से जोड़ने के साथ स्थानीय रोजगार, महिला सशक्तिकरण और जनजातीय परिवारों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. आने वाले समय में अधिक से अधिक स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है.



