CG News: छत्तीसगढ़ की 33 जेलों में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, हजारों बंदियों ने किया योगाभ्यास
CG News: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ की सभी 33 जेलों में उत्साह और उमंग के साथ योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। केंद्रीय जेल रायपुर सहित प्रदेशभर की जेलों में हजारों बंदियों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन और सकारात्मक सोच का संकल्प लिया। इस दौरान योग के माध्यम से मानसिक तनाव कम करने और आत्मविश्वास बढ़ाने का संदेश दिया गया।
जेल डीजी हिमांशु गुप्ता ने बताया योग का महत्व
केंद्रीय जेल रायपुर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से आज पूरी दुनिया योग को अपना रही है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने वाली एक जीवनशैली है।

सकारात्मक जीवन का माध्यम है योग
जेल डीजी ने कहा कि योग व्यक्ति को मानसिक शांति, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। नियमित योगाभ्यास तनाव कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में सहायक है। उन्होंने बंदियों को योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
केंद्रीय जेल रायपुर में हुआ विशेष योग शिविर
केंद्रीय जेल रायपुर में आयोजित विशेष योग शिविर में पुरुष प्रकोष्ठ के 500 और महिला प्रकोष्ठ की 150 बंदियों ने भाग लिया। योग सत्र का संचालन आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक अनिल अग्रवाल और उनकी टीम द्वारा किया गया। उन्होंने बंदियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया।
आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती का संदेश
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बंदियों को तनाव, अवसाद और नकारात्मक विचारों से बाहर निकालकर उनमें आत्मविश्वास, आत्मनियंत्रण और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना था। योग प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित अभ्यास से मानसिक स्वास्थ्य में सुधार के साथ जीवन की गुणवत्ता भी बेहतर होती है, योग शिविर में ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, पवनमुक्तासन जैसे योगासन कराए गए। इसके साथ ही अनुलोम-विलोम, कपालभाति और ध्यान की विशेष तकनीकों का अभ्यास भी कराया गया। प्रशिक्षकों ने इन योगासनों के शारीरिक और मानसिक लाभों की विस्तृत जानकारी दी।
सुधार और पुनर्वास की दिशा में सकारात्मक पहल
जेल प्रशासन का मानना है कि योग बंदियों के सुधार और पुनर्वास की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इससे मानसिक संतुलन बढ़ता है और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है, जो समाज में पुनः बेहतर तरीके से जुड़ने में मदद करता है, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेश की सभी 33 जेलों में आयोजित कार्यक्रमों ने यह संदेश दिया कि योग हर व्यक्ति के लिए लाभकारी है। जेल परिसरों में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास ने बंदियों के बीच स्वास्थ्य, अनुशासन और आत्मविकास के प्रति नई जागरूकता पैदा की।
