CG News: छत्तीसगढ़ में बिजली बिल की छूट 31 मार्च 2027 तक बढ़ी, रेल लाइन और विकास मिशन को भी मंजूरी
CG News: छत्तीसगढ़ सरकार ने घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को राहत देते हुए मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (एम-ऊर्जा) की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. फैसले के अनुसार, पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक बिजली बिल में मिलने वाली रियायत जारी रहेगी. वहीं, 400 यूनिट तक की मासिक खपत के लिए योजना की पात्रता अवधि 31 मार्च 2027 तक बढ़ा दी गई है. इससे प्रदेश के लगभग 7.25 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को लाभ मिलने की उम्मीद है.
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कटघोरा से डोंगरगढ़ तक रेल लाइन परियोजना को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कटघोरा-तखतपुर-मुंगेली-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़ रेल लाइन परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन को मंजूरी दी गई. करीब 295 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की अनुमानित लागत 8,000 करोड़ रुपये बताई गई है. इसके लिए छत्तीसगढ़ रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CRCL) के माध्यम से शत-प्रतिशत इक्विटी निवेश का प्रावधान किया गया है. योजना के अनुसार, राज्य सरकार और रेल मंत्रालय दोनों 1,000-1,000 करोड़ रुपये का योगदान देंगे.
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कूंरा नगर पंचायत का नाम बदलकर होगा ‘कुंवरगढ़’
मंत्रिपरिषद ने रायपुर जिले की नगर पंचायत कूंरा का नाम बदलकर ‘कुंवरगढ़’ करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी है. यह निर्णय क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. इसके साथ ही राज्य में विकास कार्यों को गति देने के लिए तीन नए मिशनों के प्रारूप को मंजूरी दी गई है. इनमें मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन और मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन शामिल हैं. इन अभियानों के तहत आगामी पांच वर्षों में विशेष बजट प्रावधान किए जाएंगे.

बड़े निवेश वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं को प्रोत्साहन
औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन को मंजूरी दी गई है. इसके तहत 1,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रावधान किया गया है. सरकार का उद्देश्य बड़े निवेश को आकर्षित करना और प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार करना है.
सोमनी में 400 करोड़ की लागत से बनेगी फ्रूट प्रोसेसिंग यूनिट
कैबिनेट ने राजनांदगांव जिले के सोमनी में मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के सहयोग से प्रस्तावित इस परियोजना की लागत करीब 400 करोड़ रुपये बताई गई है. इसके लिए 31.55 एकड़ भूमि आवंटित करने की स्वीकृति दी गई है. इस फैसले से कृषि आधारित प्रसंस्करण गतिविधियों को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर फल प्रसंस्करण से जुड़े उद्योगों के विकास का रास्ता खुल सकता है.
