CG News: कांकेर के अंदरूनी गांव में रात 10 बजे कलेक्टर की चौपाल, जमीन पर बैठकर सुनी समस्याएं
CG News: कांकेर के कभी घोर नक्सल प्रभावित रहे अंदरूनी इलाकों में अब बदलाव की नई तस्वीर सामने आ रही है. नक्सल प्रभाव कम होने के बाद कलेक्टर कुंदन कुमार और जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी देर रात करीब 10 बजे कोयामुरी पहुंचे. दोनों अधिकारियों ने ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और गांव की जरूरतों तथा विकास कार्यों को लेकर चर्चा की. इस दौरान ग्रामीणों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद देखने को मिला.

पुस्तकालय में शिक्षा की पहल की सराहना
दिन के समय कलेक्टर कुंदन कुमार ने ग्राम सोड़े स्थित ‘बिदिया केतुल’ पुस्तकालय का निरीक्षण किया. दूरस्थ वनांचल में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों की ओर से किए जा रहे प्रयासों को उन्होंने सराहा. पुस्तकालय परिसर में आहाता निर्माण और सोलर लाइट की मांग भी रखी गई, जिस पर कलेक्टर ने आवश्यक पहल का भरोसा दिया. उन्होंने धान पंजीयन, एग्रीस्टैक और लैम्प्स के माध्यम से खाद-बीज वितरण की स्थिति की जानकारी भी ली.

बच्चों ने मांगी JEE और NEET की कोचिंग
कोयलीबेड़ा क्षेत्र से लौटते समय कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ कोयामुरी के सामाजिक स्कूल एवं बूम होर्रकुल बिदिया केतुल परिसर पहुंचे. यहां ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और सामाजिक पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई. बच्चों ने बेझिझक होकर JEE और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग की मांग रखी. जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि अंतागढ़ के कढ़ाई-खोदरा क्षेत्र में जल्द निशुल्क कोचिंग की व्यवस्था शुरू की जाएगी.

स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी हुई चर्चा
कलेक्टर ने ग्रामीणों को संस्थागत प्रसव, सिकल सेल जांच, मलेरिया से बचाव, टीकाकरण और सुपोषण के प्रति जागरूक किया. उन्होंने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और मितानिनों को गांवों में नियमित स्वास्थ्य जांच करने तथा महिलाओं और बच्चों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए. बैठक में ग्रामीणों ने स्कूल, सड़क, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य, रोजगार और पुल-पुलिया से संबंधित मांगें भी अधिकारियों के सामने रखीं. कलेक्टर ने जरूरी मांगों पर प्राथमिकता से कार्रवाई का भरोसा दिया.
शिक्षा और विकास को बताया प्राथमिकता
कलेक्टर कुंदन कुमार ने कहा कि प्रशासन अब गांवों तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान की दिशा में काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक हिंसा और पिछड़ेपन का सामना करने वाले क्षेत्रों में शिक्षा और विकास के जरिए नई पीढ़ी के लिए बेहतर भविष्य तैयार किया जाएगा. उन्होंने ग्रामीण प्रतिनिधियों से विकास कार्यों की गुणवत्ता पर निगरानी रखने की अपील भी की. देर रात तक चली चौपाल ने कांकेर के अंदरूनी क्षेत्र में बदलते माहौल की तस्वीर पेश की, जहां अब ग्रामीण शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन के साथ खुलकर बातचीत कर रहे हैं.
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