CG News: छत्तीसगढ़ की झांकी गणतंत्र दिवस पर प्रदर्शित होगी, जनजातीय वीर नायकों को समर्पित
CG News: रक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय रंगशाला कैंप में आयोजित प्रेस प्रीव्यू में छत्तीसगढ़ की झांकी का प्रदर्शन किया गया, इस झांकी के माध्यम से उन जनजातीय वीर नायकों को श्रद्धांजलि दी गई, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के अन्यायपूर्ण कानूनों के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राण न्योछावर किए.

देश का पहला जनजातीय डिजिटल संग्रहालय
झांकी में नवा रायपुर अटल नगर में स्थापित देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की झलक प्रस्तुत की गई, इस संग्रहालय में छत्तीसगढ़ सहित देश के 14 प्रमुख जनजातीय स्वतंत्रता आंदोलनों को आधुनिक डिजिटल तकनीकों के माध्यम से संरक्षित किया गया है, इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य गठन की रजत जयंती के अवसर पर किया था.

दिन-रात की मेहनत से तैयार हुई झांकी
विशेषज्ञ समिति की अंतिम स्वीकृति के बाद जनसंपर्क विभाग के अधिकारी और कलाकार बीते एक माह से दिन-रात मेहनत कर झांकी को अंतिम रूप दिया, इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने के लिए देश के 17 राज्यों की झांकियों में छत्तीसगढ़ की झांकी विशेष पहचान बना रही है.

भूमकाल विद्रोह के नायक वीर गुंडाधुर
झांकी के अग्र भाग में 1910 के भूमकाल विद्रोह के नायक वीर गुंडाधुर को प्रदर्शित किया गया, धुर्वा समाज के इस महानायक ने अन्याय के खिलाफ जनजातीय समाज को एकजुट किया, विद्रोह का प्रतीक आम की टहनियां और सूखी मिर्च झांकी में विशेष रूप से दिखाई गई हैं.
वीर नारायण सिंह को श्रद्धांजलि
झांकी के पृष्ठ भाग में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को घोड़े पर सवार, हाथ में तलवार लिए दर्शाया गया, उन्होंने अकाल के समय गरीबों और वंचितों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
देशभक्ति और साहस का सजीव चित्रण
पूरी झांकी जनजातीय समाज के अदम्य साहस, देशभक्ति और स्वतंत्रता के प्रति अटूट संकल्प को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त करती है, कर्तव्य पथ पर इस झांकी के आगे बढ़ने से छत्तीसगढ़ की वीर परंपरा और गौरवशाली इतिहास पूरे देश के सामने जीवंत हो उठेगा.
