CG News: छत्तीसगढ़ BJP की मैराथन बैठक में सरकार के कामकाज का फीडबैक, मंत्रियों को मिले सख्त निर्देश
CG News: छत्तीसगढ़ में भाजपा संगठन ने सरकार के कामकाज की जमीनी स्थिति जानने के लिए दो दिन तक मैराथन बैठक की. रायपुर स्थित भाजपा मुख्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में हुई इस बैठक में प्रदेश के सभी 36 जिलों के पदाधिकारियों से अलग-अलग चर्चा की गई. जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी, सांसद, विधायक और प्रभारी मंत्रियों से उनके क्षेत्रों की स्थिति को लेकर जानकारी ली गई.
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दो दिनों में जिलों की समीक्षा
बैठक के पहले दिन 16 जिलों और दूसरे दिन 20 जिलों के पदाधिकारियों से बातचीत हुई. इस दौरान विधानसभा क्षेत्रों की समस्याओं, जनप्रतिनिधियों के दौरे, कार्यकर्ताओं की परेशानियों और संगठन से जुड़े मामलों पर विस्तार से फीडबैक लिया गया. संगठन ने यह समझने की कोशिश की कि सरकार की योजनाओं और फैसलों का असर आम लोगों तक किस तरह पहुंच रहा है.

मंत्रियों से शिकायतों पर जवाब मांगा
बैठक में कुछ जिलाध्यक्षों और जिला प्रभारियों ने मंत्रियों से जुड़ी समस्याएं भी सामने रखीं. सूत्रों के मुताबिक, कई पदाधिकारियों ने शिकायत की कि जरूरी मामलों में मंत्रियों से संपर्क करने में परेशानी होती है और फोन तक नहीं उठाए जाते. अफसरशाही को लेकर भी कई जिलों से शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही है. धान खरीदी, बिजली बिल और आम जनता से जुड़े दूसरे मुद्दों पर भी संगठन ने जानकारी ली.
पहले के निर्देशों की भी हुई समीक्षा
संगठन और मंत्रियों के बीच पहले हुई बैठक में तय किया गया था कि जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी, सांसद और विधायकों की ओर से भेजे गए जनहित के मामलों पर मंत्री स्तर से कार्रवाई की जाएगी. कार्यकर्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए सहयोग केंद्र की व्यवस्था भी की गई थी. लेकिन संगठन को अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के बाद अब दोबारा जमीनी रिपोर्ट मंगाई गई है और मंत्रियों को समस्याओं के समय पर समाधान के निर्देश दिए गए हैं.
दिल्ली तक पहुंच रहा फीडबैक
भाजपा सूत्रों के अनुसार, छत्तीसगढ़ सरकार और संगठन के कामकाज को लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व तक भी लगातार जानकारी पहुंच रही है. इसी वजह से इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है. संगठन की कोशिश है कि सरकार और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय बने और जनता से जुड़ी शिकायतों का तेजी से निराकरण हो. आने वाले समय में इस समीक्षा के आधार पर संगठन और सरकार के स्तर पर कुछ अहम फैसले लिए जाने की संभावना भी जताई जा रही है.
मुख्यमंत्री भी बैठक में रहे मौजूद
दो दिवसीय मंथन के पहले दिन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी बैठक में शामिल हुए. उनके सामने जिलों से मिले फीडबैक और स्थानीय समस्याओं की जानकारी रखी गई. इसके बाद उपमुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों के साथ भी चर्चा हुई. बैठक को लेकर भाजपा ने आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की और इसे काफी गोपनीय रखा गया. ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि इस समीक्षा के बाद सरकार और संगठन के स्तर पर क्या बदलाव देखने को मिलते हैं.
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