CG News: जशपुर में किसानों को खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता, कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी
CG News:जशपुर जिले में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन ने खाद, बीज एवं कृषि ऋण की पर्याप्त और सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की है। कृषि एवं सहकारिता विभाग के संयुक्त प्रयासों से जिले की सहकारी समितियों में आवश्यक कृषि आदानों का पर्याप्त भंडारण किया गया है।
कालाबाजारी, जमाखोरी और उर्वरकों के अवैध विक्रय पर रोक लगाने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों की टीम समय-समय पर निरीक्षण कर रही है, जिससे किसानों को उचित दर पर सामग्री उपलब्ध हो सके।
कृषि विभाग की निगरानी और मार्गदर्शन
उप संचालक कृषि एम.आर. भगत ने बताया कि किसानों को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की अनुशंसाओं के अनुसार उर्वरक वितरित किए जा रहे हैं। साथ ही किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, हरी खाद और जैविक विकल्प अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।विभागीय अमला गांव-गांव पहुंचकर किसानों को वैज्ञानिक खेती, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन और उत्पादन बढ़ाने के आधुनिक तरीकों की जानकारी दे रहा है।
सहकारी समितियों का विस्तार
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिले में सहकारी समितियों की संख्या 24 से बढ़ाकर 44 कर दी गई है। इससे किसानों को खाद और बीज प्राप्त करने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ रही है, जिससे समय और परिवहन लागत दोनों में कमी आई है।
खाद और बीज का भंडारण
वर्तमान में जिले की 44 सहकारी समितियों में—
- 9,285 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक का भंडारण
- 3,681 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण
- 6,836 क्विंटल धान बीज का भंडारण
- 1,872 क्विंटल बीज का किसानों को वितरण
आगामी मांग को देखते हुए भंडारण व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।
कृषि ऋण वितरण में बड़ी उपलब्धि
किसानों को समय पर कृषि निवेश उपलब्ध कराने के लिए सहकारी समितियों के माध्यम से अब तक—
- 10,187 किसानों को ऋण सुविधा
- कुल 37.79 करोड़ रुपये का कृषि ऋण वितरण
- 31.33 करोड़ रुपये नगद
- 6.46 करोड़ रुपये वस्तु ऋण
इस सहायता से किसानों को खेती की लागत वहन करने और समय पर कृषि कार्य करने में मदद मिल रही है।
सख्त निगरानी और कार्रवाई
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद, बीज और कृषि ऋण की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए सहकारी समितियों और निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों की नियमित जांच की जा रही है।वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी लगातार क्षेत्रीय निरीक्षण कर रहे हैं।
किसानों से अपील
विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुसार ही उर्वरकों का उपयोग करें, हरी खाद और जैविक खेती को अपनाएं तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें, ताकि समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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