CG News: बस्तर के 186 प्रतिनिधि राष्ट्रपति भवन जाएंगे, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात और विशेष भोज में होंगे शामिल
CG News: छत्तीसगढ़ का बस्तर अब अपनी सांस्कृतिक पहचान और प्रतिभाओं के कारण राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बना रहा है. 30 जुलाई को बस्तर का 186 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेगा और उनके साथ विशेष भोज में शामिल होगा. इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा के भी मौजूद रहने की संभावना है.

28 जुलाई को दिल्ली के लिए होगा रवाना
प्रतिनिधिमंडल 28 जुलाई को रायपुर से दिल्ली के लिए रवाना होगा. 30 जुलाई को राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में शामिल होने के बाद यह दल 1 अगस्त को दिल्ली से लौटेगा और 2 अगस्त को रायपुर पहुंचेगा.
186 सदस्यीय दल में कौन-कौन शामिल
इस प्रतिनिधिमंडल में बस्तर पंडुम-2026 के 97 विजेता, 50 परगना मांझी, 15 चालकी, दो पद्मश्री सम्मानित हस्तियां तथा 22 जिला स्तरीय नोडल अधिकारी और सहयोगी दल के सदस्य शामिल हैं. यह दल बस्तर की संस्कृति, परंपरा और आदिवासी नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करेगा.
विकास और विश्वास का नया संदेश
सरकार इस पहल को बस्तर में विकास, विश्वास और सम्मान की नई शुरुआत के रूप में देख रही है. लंबे समय तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे क्षेत्र के युवाओं और पारंपरिक आदिवासी नेतृत्व को देश के सर्वोच्च संवैधानिक संस्थान में सम्मान मिलने से यह संदेश देने का प्रयास है कि अब बस्तर की पहचान संस्कृति, प्रतिभा, खेल और विकास से बनेगी.
बस्तर की नई पहचान को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों के माध्यम से हजारों युवाओं को खेल, संस्कृति और परंपरा से जोड़ने की पहल की गई है. अब इन्हीं प्रतिभाओं को राष्ट्रपति भवन तक पहुंचाकर यह संदेश दिया जा रहा है कि बस्तर की नई पीढ़ी देश के विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था में बराबरी की भागीदार है, और उसकी प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल रहा है.
12 पारंपरिक विधाओं के विजेताओं को मिला सम्मान
बस्तर पंडुम-2026 के तहत 12 पारंपरिक विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का चयन किया गया है. इनमें जनजातीय नृत्य, लोकगीत, नाट्य प्रस्तुति, पारंपरिक वाद्ययंत्र, वेशभूषा, आभूषण, शिल्पकला, चित्रकला, पारंपरिक पेय पदार्थ, जनजातीय व्यंजन, आंचलिक साहित्य और वन औषधियों से जुड़ी प्रस्तुतियां शामिल हैं. इन सभी विधाओं के विजेता राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे.
