CG News: एम्स में स्मार्ट नेविगेशन से पहली कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी सफल
CG News: एम्स में पहली बार स्मार्ट नेविगेशन तकनीक से कॉक्लियर इम्प्लांट किया गया। जन्म से सुन-बोल न पाने वाली 4 वर्षीय बच्ची की सर्जरी सफल रही। यह तकनीक सर्जरी की सटीकता बढ़ाकर बेहतर श्रवण परिणाम देती है।
एम्स में चिकित्सा तकनीक की नई उपलब्धि
एम्स में चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। यहां पहली बार स्मार्ट नेविगेशन (स्मार्ट नैव) तकनीक की मदद से कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। यह सर्जरी 4 वर्षीय बालिका पर की गई, जो जन्म से ही सुनने और बोलने में असमर्थ थी। ईएनटी विभाग में हुई यह जटिल शल्य-क्रिया पूरी तरह सफल रही।

स्मार्ट नेविगेशन तकनीक के फायदे
स्मार्ट नेविगेशन एक अत्याधुनिक नेविगेशन-सहायता प्राप्त प्रणाली है, जो सर्जरी के दौरान इलेक्ट्रोड की सटीक स्थिति सुनिश्चित करती है। यह तकनीक ऑपरेशन की शुद्धता बढ़ाने, सर्जरी का समय कम करने और दीर्घकालिक श्रवण परिणामों को बेहतर बनाने में सहायक होती है। साथ ही, यह रियल-टाइम फीडबैक प्रदान करती है, जिससे संभावित जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने बताया समय पर इलाज का महत्व
यह सर्जरी मुंबई से आई विशेषज्ञ डॉ. हेतल मारफतिया और ईएनटी विभाग की एचओडी डॉ. रेनू राजगुरु ने संयुक्त रूप से की। कार्यकारी निदेशक डॉ. अशोक कुमार जिंदल ने कहा कि जन्मजात श्रवण हानि से पीड़ित बच्चों की शीघ्र पहचान और समय पर इलाज बेहद जरूरी है। उन्होंने आधुनिक तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।




