CG News: जनवरी से मिलेगा सुपर फाइन चावल, 15 नवंबर से ₹3100 में धान खरीदी, किसानों को ₹15 हजार प्रोत्साहन
CG News: छत्तीसगढ़ में राशन वितरण और धान खरीदी को लेकर राज्य सरकार ने कई अहम जानकारियां साझा की हैं. कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मुताबिक, जनवरी से बीपीएल और एपीएल राशन कार्डधारियों को सुपर फाइन चावल उपलब्ध कराने की तैयारी है. वहीं, धान खरीदी की शुरुआत 15 नवंबर से प्रस्तावित है. सरकार ने किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने की बात कही है.

जनवरी से मिलेगा सुपर फाइन चावल
कृषि मंत्री के अनुसार, पहले राशन के चावल में करीब 25 से 30 प्रतिशत तक टूटे हुए दाने होते थे. अब केंद्र सरकार के फैसले के बाद प्रदेश में भी हितग्राहियों को सुपर फाइन चावल उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है. इस व्यवस्था का लाभ बीपीएल और एपीएल, दोनों श्रेणियों के राशन कार्डधारियों को मिलने की बात कही गई है, राज्य में धान खरीदी की तैयारियां तेज कर दी गई हैं. सरकार के मुताबिक, किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदा जाएगा. किसानों को टोकन लेने और उपार्जन केंद्रों तक पहुंचने में परेशानी न हो, इसके लिए व्यवस्थाएं बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है.

360 नए धान उपार्जन केंद्र खोलने की तैयारी
कृषि मंत्री ने बताया कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 360 नए धान उपार्जन केंद्र खोले गए हैं. इन केंद्रों के संचालन से कर्मचारियों और मजदूरों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है. इसके साथ ही धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए एग्रीटेक आईडी के आधार पर किसानों की पहचान और जमीन का सत्यापन किया जा रहा है. बाहरी धान की आवक रोकने के लिए बायोमेट्रिक व्यवस्था अपनाने की भी बात कही गई है.

दूसरी फसल लेने पर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन
सरकार धान पर निर्भरता कम करने और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम कर रही है. मंत्री के मुताबिक, धान के स्थान पर दूसरी निर्धारित फसलें लेने वाले किसानों के लिए प्रोत्साहन राशि 11 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ करने की तैयारी है. इसका उद्देश्य तिलहन और अन्य वैकल्पिक फसलों का उत्पादन बढ़ाना है.
कृषक उन्नति योजना और बोनस पर क्या कहा?
मंत्री ने कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को 35,589 करोड़ रुपये की आदान सहायता दिए जाने और 11,281 करोड़ रुपये किसानों के खातों में भेजे जाने की जानकारी दी. वहीं, कम उत्पादन होने पर भी प्रति एकड़ 21 क्विंटल की सीमा के अनुसार अंतर की राशि देने के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई फैसला फिलहाल नहीं लिया गया है. इस विषय पर विचार और प्रक्रिया जारी है. धान खरीदी की नीति में बदलाव नहीं किए जाने की बात भी कही गई है.

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