CG News: छत्तीसगढ़ में आयुष्मान योजना में गड़बड़ी पर स्वास्थ्य मंत्री के सख्त, 100 से अधिक अस्पतालों पर छापेमार कार्रवाई
CG News: छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना से जुड़े निजी और सरकारी अस्पतालों में मिल रही लगातार शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक स्तर पर जांच अभियान शुरू किया है. विभाग की विशेष टीमों ने पूरे प्रदेश में एक साथ 100 से भी अधिक अस्पतालों में औचक निरीक्षण और छापेमारी की. इस कार्रवाई के दौरान अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत दिए जा रहे इलाज, मरीजों के भर्ती रिकॉर्ड, इलाज से जुड़े दस्तावेज और योजना के दिशा-निर्देशों के पालन की गहनता से पड़ताल की गई.
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मरीजों से अतिरिक्त वसूली
अस्पतालों पर हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कड़ा रुख अपनाया है. मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य और उनके अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यदि कोई भी अस्पताल आयुष्मान कार्डधारियों से मुफ्त इलाज के नाम पर अतिरिक्त पैसे वसूलता है या योजना के क्रियान्वयन में धोखाधड़ी करता है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कदम उठाए जाएंगे.
स्वास्थ्य मंत्री की चेतावनी
स्वास्थ्य मंत्री ने पूर्व में हुई कार्रवाइयों का हवाला देते हुए कहा कि पहले भी योजना में अनियमिताएं बरतने वाले अस्पतालों पर शिकंजा कसा गया था. हालांकि, यदि अब भी शिकायतें सामने आती हैं, तो इस बार की जाने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पिछली बार से भी अधिक सख्त होगी. उन्होंने दो टूक कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ आम जनता तक सीधे पहुंचना चाहिए और किसी को भी आयुष्मान भारत योजना के नाम पर मरीजों को प्रताड़ित करने की छूट नहीं दी जाएगी.
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद लिया गया फैसला
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ समय से ई-मेल, पोर्टल और लिखित माध्यमों से अस्पतालों द्वारा फर्जी क्लेम बनाने तथा मरीजों से नकद राशि ऐंठने की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं. योजना के नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों का लाइसेंस रद्द करने और उन्हें योजना से बाहर (डी-पैनल) करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है. विभागीय जांच टीम फिलहाल जब्त किए गए रिकॉर्ड्स और मरीजों के बयानों का मिलान कर अंतिम रिपोर्ट तैयार कर रही है.
पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाओं का संकल्प
राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बिना किसी परेशानी के गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें. इस जांच अभियान के जरिए सरकार अस्पतालों को यह संदेश देना चाहती है कि जनहित की योजनाओं में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार स्वीकार्य नहीं होगा. आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले अस्पतालों और उनके संचालकों पर प्राथमिकी दर्ज कराने जैसे सख्त कदम भी देखने को मिल सकते हैं.


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