CG News: पीएम सूर्य घर योजना का असर, दंतेवाड़ा के शिक्षक कैलाश देवांगन का बिजली बिल हुआ शून्य
CG News: केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना छत्तीसगढ़ में लोगों के बिजली खर्च को कम करने में मदद कर रही है. दंतेवाड़ा जिले के बड़े तुमनार निवासी और मोफलनार माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ शिक्षक कैलाश कुमार देवांगन इस योजना का लाभ लेकर मिसाल बने हैं. उन्होंने अपने घर की छत पर सोलर रूफटॉप प्लांट लगाकर बिजली की जरूरत को स्वच्छ ऊर्जा से पूरा करना शुरू किया है.

गांव में सबसे पहले लगाया सोलर प्लांट
कैलाश कुमार देवांगन अपने गांव के पहले हितग्राही हैं, जिन्होंने मार्च 2026 में पीएम सूर्य घर योजना के तहत 3 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कराया. उन्होंने बताया कि इससे पहले उनके चार सदस्यीय परिवार का बिजली बिल हर महीने करीब 1,000 से 1,200 रुपये आता था. उस समय घर में लगभग 200 यूनिट तक बिजली की खपत होती थी, लेकिन सोलर प्लांट लगने के बाद बिजली बिल शून्य हो गया है.
सब्सिडी से आसान हुआ सोलर लगाना
शिक्षक कैलाश देवांगन को योजना की जानकारी मार्च में आयोजित शिक्षकों की एक बैठक के दौरान मिली थी. योजना के तहत मिलने वाली सरकारी सब्सिडी ने उन्हें सोलर प्लांट लगाने के लिए प्रोत्साहित किया. उनका कहना है कि सरकारी सहायता की वजह से आम परिवारों के लिए सौर ऊर्जा अपनाना पहले की तुलना में आसान हुआ है. उन्होंने दूसरे लोगों से भी योजना की जानकारी लेकर इसका लाभ उठाने की अपील की.
बिजली बचत के साथ पर्यावरण को फायदा
कैलाश देवांगन के मुताबिक, पीएम सूर्य घर योजना का फायदा सिर्फ बिजली बिल कम होने तक सीमित नहीं है. सौर ऊर्जा का इस्तेमाल स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देता है और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान करता है. आने वाले समय में बिजली की मांग और खर्च बढ़ने की संभावना को देखते हुए उन्होंने सौर ऊर्जा को टिकाऊ विकल्प बताया. उनका मानना है कि ज्यादा से ज्यादा परिवार इस दिशा में आगे आएं तो इसका व्यापक फायदा मिल सकता है.
आत्मनिर्भर ऊर्जा की ओर बढ़ने की अपील
जिला प्रशासन और विद्युत विभाग की ओर से भी दंतेवाड़ा के नागरिकों से पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जुड़ने का आह्वान किया गया है. योजना के जरिए घरों की छत पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन किया जा सकता है और घरेलू बिजली खर्च में राहत मिल सकती है. कैलाश देवांगन का अनुभव अब गांव के दूसरे परिवारों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

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